मध्य पूर्व में तनाव और हिंसा एक बार फिर तेज हो गई है. इजराइल ने गुरुवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हवाई हमले किए, जो हिज़्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है. इजराइली सेना ने दावा किया कि यह हमला हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया गया था, जबकि लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में नागरिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है.
इस बीच, गाजा पट्टी में भी इजराइली हवाई हमला किया गया, जिसमें 22 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मारे गए लोगों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इजराइल ने कहा कि उसने हमास के ठिकानों पर हमला किया है. हालांकि, इन हमलों में गाजा में लोगों को भारी क्षति पहुंची है.
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अबतक गाजा पर इजरायल के युद्ध में कम से कम 50,208 फिलिस्तीनियों की मौत की पुष्टि हुई है और 113,910 घायल हुए हैं. गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने भी मृतकों की संख्या 61,700 से अधिक बताई है, जिसमें कहा गया है कि मलबे के नीचे लापता हजारों फिलिस्तीनियों के मृत होने की आशंका है.
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है. वहीं, इजराइल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा. दूसरी ओर, हमास और हिज़्बुल्लाह ने इजराइली हमलों का बदला लेने की चेतावनी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में संघर्ष और भड़कने की आशंका है.
इस ताजा हिंसा ने पहले से ही अशांत मध्य पूर्व में अस्थिरता और बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए, तो यह टकराव और गहरा सकता है, जिससे क्षेत्रीय शांति को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.
इस बीच, गाजा पट्टी में भी इजराइली हवाई हमला किया गया, जिसमें 22 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मारे गए लोगों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इजराइल ने कहा कि उसने हमास के ठिकानों पर हमला किया है. हालांकि, इन हमलों में गाजा में लोगों को भारी क्षति पहुंची है.
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अबतक गाजा पर इजरायल के युद्ध में कम से कम 50,208 फिलिस्तीनियों की मौत की पुष्टि हुई है और 113,910 घायल हुए हैं. गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने भी मृतकों की संख्या 61,700 से अधिक बताई है, जिसमें कहा गया है कि मलबे के नीचे लापता हजारों फिलिस्तीनियों के मृत होने की आशंका है.
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है. वहीं, इजराइल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा. दूसरी ओर, हमास और हिज़्बुल्लाह ने इजराइली हमलों का बदला लेने की चेतावनी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में संघर्ष और भड़कने की आशंका है.
इस ताजा हिंसा ने पहले से ही अशांत मध्य पूर्व में अस्थिरता और बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए, तो यह टकराव और गहरा सकता है, जिससे क्षेत्रीय शांति को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.