
हादसा उस समय हुआ जब कोटधार के मरोतन से घुमारवीं जा रही बस भारी बारिश के बीच रास्ते में थी। अचानक पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने से बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, और स्थानीय पुलिस जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने और दबे हुए लोगों को निकालने में जुटी है। अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है, लेकिन अभी तक आधिकारिक नाम जारी नहीं किए गए हैं।
उपायुक्त राहुल कुमार और एसपी संदीप धवल की देखरेख में बचाव कार्य चल रहे हैं। झंडूता विधायक जीतराम कटवाल ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला से राहत कार्यों की निगरानी की और कहा, "राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।" उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी घटनास्थल के लिए रवाना हुए।
उपायुक्त राहुल कुमार और एसपी संदीप धवल की देखरेख में बचाव कार्य चल रहे हैं। झंडूता विधायक जीतराम कटवाल ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला से राहत कार्यों की निगरानी की और कहा, "राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।" उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी घटनास्थल के लिए रवाना हुए।
मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश चल रही है। सड़क यातायात बंद है, और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग हो रहा है। प्रशासन ने भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। हादसे की जांच के लिए समिति गठित की गई है, जो भूस्खलन के कारणों और सड़क सुरक्षा की समीक्षा करेगी।
इस घटना को लेकर पीएम और राष्ट्रपति ने शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमएनआरएफ से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता की घोषणा की। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
इस घटना को लेकर पीएम और राष्ट्रपति ने शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमएनआरएफ से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता की घोषणा की। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।