ममता बनर्जी ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है कि भारत के प्रधानमंत्री ने बिना किसी उचित जांच या प्रशासनिक रिपोर्ट के इंतजार किए प्राकृतिक आपदा को राजनीतिक रंग दे दिया। जब उत्तर बंगाल के लोग विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहे हैं, तब राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में जुटे हैं।" उन्होंने भाजपा नेताओं पर हमले की घटना में केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा नेता बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बड़े काफिले के साथ प्रभावित इलाकों में पहुंचे, जो राहत कार्यों में बाधा डाल सकता था।
इससे पहले पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर हमले को 'निंदनीय' बताते हुए कहा कि इससे बंगाल की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। मोदी ने टीएमसी को 'असंवेदनशील' करार दिया और कहा कि सरकार हिंसा फैलाने में व्यस्त है, जबकि लोगों की मदद होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से राहत कार्यों में सहयोग की अपील की।
It is unfortunate and deeply concerning that the Prime Minister of India has chosen to politicise a natural disaster without waiting for a proper investigation, especially while people in North Bengal are grappling with the aftermath of devastating floods and landslides.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) October 6, 2025
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ममता ने पीएम के बयान को 'राजनीतिक नीचता' और 'सांविधानिक मूल्यों का उल्लंघन' बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा उत्तर बंगाल बनाम दक्षिण बंगाल का नैरेटिव बनाकर आगामी विधानसभा चुनावों से पहले लोगों को ध्रुवीकृत करने की कोशिश कर रही है। ममता ने केंद्र सरकार पर नदियों की खुदाई और बैराज से पानी छोड़ने में उदासीनता का भी आरोप लगाया।
उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी आदि इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन और बाढ़ ने तबाही मचाई है, जिसमें कम से कम 28 लोगों की मौत हो चुकी है। एनडीआरएफ ने 160 से अधिक लोगों को बचाया है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हमलावर हैं, लेकिन ममता ने जोर देकर कहा कि यह समय 'राजनीतिक छाती पीटने' का नहीं, बल्कि मदद और उपचार का है।