क्या है इस व्यापार समझौते में खास?
1. बड़ी खरीद का लक्ष्य
भारत अगले पांच साल में अमेरिका से कुल 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदने की योजना बना रहा है — जैसे कि एयरक्राफ्ट और पार्ट्स, ऊर्जा उत्पाद, कोकिंग कोल, और उन्नत तकनीकी उपकरण।2. ऊर्जा और कच्चे माल की विविधता
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना चाहता है, इसलिए वह अमेरिका से उच्च गुणवत्ता वाला कोकिंग कोल और कच्चा तेल भी खरीदने पर विचार कर रहा है।3. तकनीक और डेटा सेंटर्स
भारत को AI, डेटा सेंटर्स और उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग के लिए GPU जैसे तकनीकी उपकरण की आवश्यकता है, जो अमेरिका से आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं।4. व्यापार संतुलन और अवसर
इस कदम से दो देशों के बीच व्यापार घाटा–संतुलन पर असर पड़ेगा और भारत को तकनीकी, ऊर्जा और विमानन जैसे बड़े क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता की वस्तुएं जल्द मिल सकेंगी।इस समझौते को भारत की ऊर्जा विविधता, तकनीकी मजबूती और आर्थिक विस्तार के लिहाज से रणनीतिक कदम माना जा रहा है। साथ ही, यह व्यापार संबंधों को और मजबूत करने के साथ दोनों देशों के उद्योगों के लिए नई संभावनाएं भी खोल सकता है।
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