
रिपोर्ट के मुताबिक, नीतीश कुमार लंबे समय से विधान परिषद के सदस्य रहे हैं और 2006 से लगातार इस सदन का हिस्सा थे. उनका वर्तमान कार्यकाल 2030 तक था, लेकिन राज्यसभा में जाने के कारण उन्हें बीच में ही इस्तीफा देना पड़ा.
बताया जा रहा है कि उन्होंने हाल ही में राज्यसभा चुनाव जीता है और जल्द ही वहां सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं. यह कदम उनके राजनीतिक करियर में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है.
इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. हालांकि, फिलहाल नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर बने हुए हैं, लेकिन आगे के राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि उनका राज्यसभा जाना राज्य की राजनीति में बदलाव के संकेत दे सकता है और आने वाले समय में नेतृत्व को लेकर नए समीकरण बन सकते हैं.
कुल मिलाकर, विधान परिषद से इस्तीफा देकर नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, जिससे बिहार की सियासत में नया मोड़ आ सकता है.
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