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| Photo Credit: Ali Hankir/Reuters |
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हमला दक्षिणी लेबनान के देइर कानौन अल-नहर गांव में हुआ। मृतकों में Risala Scouts संगठन के दो सदस्य शामिल थे, जिनमें से एक स्वतंत्र फोटोग्राफर के रूप में भी काम करता था। यह संगठन Amal Movement से जुड़ा माना जाता है, जो Hezbollah का सहयोगी समूह है।
इसके अलावा शुक्रवार को ही दक्षिणी शहर हनावाय में हुए एक अन्य हमले में चार राहतकर्मियों की मौत की भी खबर है। ये लोग Islamic Health Committee से जुड़े थे, जिसे Hezbollah समर्थक संगठन माना जाता है।
हाल के महीनों में इजरायल और Hezbollah के बीच सीमा क्षेत्रों में लगातार तनाव बना हुआ है। दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम लागू होने के बावजूद समय-समय पर हमलों और जवाबी कार्रवाइयों की खबरें सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिणी लेबनान में बढ़ती हिंसा पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकती है। खासकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व पहले से कई बड़े संघर्षों और राजनीतिक तनावों का सामना कर रहा है।
इस घटना के बाद लेबनान में गुस्सा बढ़ गया है और कई स्थानीय संगठनों ने हमले की निंदा की है। वहीं इजरायल की ओर से इस हमले पर तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मानवीय संगठनों ने भी चिंता जताई है कि लगातार हो रहे हमलों के कारण आम नागरिकों और राहत कार्यों पर गंभीर असर पड़ रहा है। सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
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सोर्स: अशरक़ अल-अवसात
