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| कमर्शियल LPG सिलेंडर | फोटो- अमर उजाला |
हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलिंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी घरों में इस्तेमाल होने वाली रसोई गैस पहले की दरों पर ही मिलती रहेगी।
होटल, ढाबा और रेस्तरां कारोबार पर असर
कमर्शियल LPG सिलिंडर मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां, ढाबा, कैटरिंग सर्विस, बेकरी और छोटे खाद्य कारोबारों में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में गैस की कीमत बढ़ने से इन व्यवसायों की लागत में सीधा इजाफा होगा। व्यापारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती गैस कीमतों से छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि कमर्शियल गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी असर देखने को मिल सकता है। रेस्तरां और होटल संचालक अतिरिक्त लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल सकते हैं।
क्यों बढ़े दाम?
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर LPG बाजार पर भी पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव भारत में कमर्शियल गैस की दरों पर पड़ता है।सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमतों और विनिमय दरों के आधार पर LPG और ATF (एविएशन टरबाइन फ्यूल) की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत नई दरें लागू की गई हैं।
घरेलू गैस पर सरकार सतर्क
विश्लेषकों का मानना है कि सरकार घरेलू LPG की कीमतों को स्थिर रखकर आम जनता पर महंगाई का बोझ कम करना चाहती है। घरेलू गैस की कीमतें राजनीतिक और सामाजिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं। इसी वजह से फिलहाल घरेलू सिलिंडर की कीमतों में बदलाव नहीं किया गया।वहीं, ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक कच्चे तेल और गैस बाजार में अस्थिरता बनी रहती है तो आने वाले महीनों में कमर्शियल LPG की कीमतों में और बदलाव संभव है। फिलहाल होटल और खाद्य कारोबार से जुड़े छोटे व्यवसायों की चिंता बढ़ गई है।
