NEET Paper Leak Protest: बिगड़ती तबीयत के बाद सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर फेंकी गई स्याही; CJP फाउंडर बोले- 'हम डरने वाले नहीं'

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और युवाओं का आक्रोश अब एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले चल रहे आंदोलन से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। छात्रों के समर्थन में कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Hunger Strike) पर बैठे मशहूर शिक्षाविद और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस और प्रशासन द्वारा जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।

इस आंदोलन में पिछले 24 घंटों के भीतर भारी ड्रामा और तनाव देखने को मिला है। एक तरफ जहां वांगचुक की सेहत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नेताओं पर अज्ञात तत्वों द्वारा स्याही (Ink Attack) फेंकने की हैरान करने वाली घटना भी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें।

बिगड़ती सेहत के बाद अस्पताल भेजे गए सोनम वांगचुक
नीट घोटाले के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे इस अनशन के कारण सोनम वांगचुक की सेहत लगातार चिंताजनक बनी हुई थी। डॉक्टरों की टीम उनकी चौबीसों घंटे निगरानी कर रही थी। लगातार उपवास के कारण उनका वजन कई किलो कम हो चुका था, और उनका ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर का स्तर खतरनाक स्तर तक नीचे आ गया था।

पहले तो वांगचुक ने अस्पताल जाने से साफ इनकार कर दिया था और कहा था कि जब तक देश के करोड़ों छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, वे अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे। लेकिन स्थिति को गंभीर देखते हुए प्रशासन और मेडिकल टीम ने उन्हें तुरंत अस्पताल में शिफ्ट करने का फैसला किया, जहां इस समय उनका इलाज चल रहा है। वांगचुक के समर्थकों का कहना है कि वे अस्पताल के बिस्तर से भी छात्रों की आवाज़ बुलंद करते रहेंगे।

प्रदर्शनकारियों पर स्याही फेंकने की घटना से बढ़ा बवाल

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने से ठीक पहले जंतर-मंतर पर उस समय भारी अराजकता फैल गई, जब कुछ अज्ञात तत्वों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर स्याही फेंक दी गई। इस घटना में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कुछ प्रमुख सदस्यों के कपड़े और बैनर स्याही से सन गए। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना आंदोलन को भड़काने, माहौल खराब करने और छात्रों का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।

इस घटना के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस की भारी मौजूदगी के बावजूद असामाजिक तत्व वीआईपी जोन में घुसने और इस तरह की हरकत करने में कामयाब कैसे हो गए। हालांकि, इस हमले और वांगचुक को हटाए जाने के बाद भी छात्रों का जोश कम नहीं हुआ है, बल्कि वे और दोगुनी ताकत से सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं।

CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने सरकार को घेरा

आंदोलन का मुख्य चेहरा और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने पुलिस प्रशासन के रवैये, वांगचुक को हटाए जाने और स्याही फेंकने की घटना पर तीखा हमला बोला है। दीपके ने कहा:
"चाहे सोनम वांगचुक जी को जबरन अस्पताल में भर्ती कराया जाए, हम पर स्याही फेंकी जाए या लाठियां चलाई जाएं, यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। प्रशासन और सरकार चाहे कितनी भी रुकावटें खड़ी कर ले, छात्रों की बुलंद आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। यह तानाशाही रवैया दिखाता है कि सरकार सच सुनने से कितना डर रही है। हमारी मांगें बिल्कुल साफ हैं—शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और नीट परीक्षा में पूर्ण सुधार।"

देश की बड़ी हस्तियों और राजनेताओं का मिला भारी समर्थन

जंतर-मंतर से उठी इस आंदोलन की गूंज अब देश के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में साफ सुनी जा सकती है। विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं जैसे उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव और महुआ मोइत्रा ने सोनम वांगचुक की सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

राजनीतिक दलों के अलावा, बॉलीवुड और कला जगत से भी इस आंदोलन को भारी जनसमर्थन मिल रहा है। अभिनेत्री स्वरा भास्कर, ज़ीनत अमान और फिल्म '3 इडियट्स' में 'चतुर रामलिंगम' का किरदार निभाने वाले अभिनेता ओमी वैद्य ने भी सोशल मीडिया के जरिए सोनम वांगचुक के इस संघर्ष की सराहना की है। ओमी वैद्य ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि, "मैं नहीं चाहता कि हमारे असली फुंसुख वांगडू (सोनम वांगचुक) को कुछ भी हो। देश की मुख्यधारा की मीडिया को इस गंभीर मुद्दे और छात्रों की भूख हड़ताल को प्रमुखता से दिखाना चाहिए।"

A K

Founding Editor

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने