वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को भारतीय संसद के दोनों सदनों – लोकसभा और राज्यसभा में बहस और विचार-विमर्श के बाद पारित किया गया है. यह विधेयक देश में वक्फ संपत्तियों की व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लाया गया था. हालांकि, इस विधेयक को लेकर दोनों सदनों में विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली. सरकार का कहना है कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय, खासकर गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए है, जबकि विपक्ष इसे असंवैधानिक और धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ बता रहा है.
लोकसभा में इस विधेयक को 2 अप्रैल 2025 को पेश किया गया. इस पर लगभग 12 घंटे तक लंबी बहस चली, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए. इस बहस के बाद वोटिंग हुई, जिसमें 288 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया, जबकि 232 सांसदों ने इसका विरोध किया. इस प्रकार, विधेयक को लोकसभा में बहुमत से पारित कर दिया गया.
राज्यसभा में भी इस विधेयक को पारित करने के लिए जबरदस्त बहस हुई. विपक्षी दलों ने इसे मुस्लिम समाज के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध किया, जबकि सरकार ने इसे भ्रष्टाचार रोकने और वक्फ बोर्ड में सुधार के लिए आवश्यक बताया. 3 अप्रैल 2025 को इस पर मतदान हुआ, जिसमें 128 सांसदों ने विधेयक के समर्थन में वोट डाले, जबकि 95 सांसदों ने विरोध किया. अंततः, यह विधेयक राज्यसभा में भी पारित हो गया.
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 भारतीय संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है. अब इसे राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद कानून के रूप में लागू किया जाएगा. यह विधेयक वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता और सुधार लाने का दावा करता है, लेकिन इसका विरोध करने वाले इसे असंवैधानिक और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ मानते हैं. अब देखना यह होगा कि इस कानून के लागू होने के बाद इसका समाज पर कैसा प्रभाव पड़ता है.
लोकसभा में इस विधेयक को 2 अप्रैल 2025 को पेश किया गया. इस पर लगभग 12 घंटे तक लंबी बहस चली, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए. इस बहस के बाद वोटिंग हुई, जिसमें 288 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया, जबकि 232 सांसदों ने इसका विरोध किया. इस प्रकार, विधेयक को लोकसभा में बहुमत से पारित कर दिया गया.
राज्यसभा में भी इस विधेयक को पारित करने के लिए जबरदस्त बहस हुई. विपक्षी दलों ने इसे मुस्लिम समाज के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध किया, जबकि सरकार ने इसे भ्रष्टाचार रोकने और वक्फ बोर्ड में सुधार के लिए आवश्यक बताया. 3 अप्रैल 2025 को इस पर मतदान हुआ, जिसमें 128 सांसदों ने विधेयक के समर्थन में वोट डाले, जबकि 95 सांसदों ने विरोध किया. अंततः, यह विधेयक राज्यसभा में भी पारित हो गया.
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 भारतीय संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है. अब इसे राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद कानून के रूप में लागू किया जाएगा. यह विधेयक वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता और सुधार लाने का दावा करता है, लेकिन इसका विरोध करने वाले इसे असंवैधानिक और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ मानते हैं. अब देखना यह होगा कि इस कानून के लागू होने के बाद इसका समाज पर कैसा प्रभाव पड़ता है.