परिवार के अनुसार, आशमान परीक्षा परिणामों से इतना आहत था कि वह चुपचाप रहने लगा था। मंगलवार शाम को उसके पिता, जो एक स्टोर मैनेजर हैं, ने उसकी उदासी पर ध्यान दिया और पूछा तो आशमान ने परीक्षा के नंबरों का जिक्र किया। परिवार ने उसे समझाया, लेकिन रात को सोने चले गए। कुछ ही देर बाद जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। सोसाइटी के निवासी और गार्ड मौके पर पहुंचे, जहां आशमान का शव पड़ा था। परिवार ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सेक्टर-10 पुलिस स्टेशन के प्रभारी इंस्पेक्टर योगेश कुमार ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंची टीम ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है और कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। हम परिवार के सदस्यों और दोस्तों से पूछताछ कर रहे हैं। मानसिक तनाव, पारिवारिक समस्या या कोई अन्य दबाव तो नहीं था, यह पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले को आत्महत्या के रूप में दर्ज कर लिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के नंबरों से जुड़ी चिंता अक्सर किशोरों में अवसाद का कारण बन जाती है। आशमान के स्कूल में भी इस घटना से सन्नाटा छा गया है। परिवार शोकाकुल है और पड़ोसी सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। अधिकारियों ने अपील की है कि अभिभावक बच्चों की भावनाओं पर ध्यान दें और समय रहते काउंसलिंग उपलब्ध कराएं।