
भारत का पीछा आसान न था। पावरप्ले में ही अभिषेक शर्मा (5), शुभमन गिल और कप्तान सूर्यकुमार यादव (1) सस्ते में आउट हो गए, स्कोर 20/3। फिर तिलक वर्मा ने कमान संभाली। संजू सैमसन के साथ 57 रनों की साझेदारी के बाद तिलक ने शिवम दुबे (33) के साथ मिलकर पारी संवारी। तिलक ने तीन चौके और चार छक्कों के साथ 53 गेंदों पर नाबाद 69 रनों की पारी खेली। दुबे के आक्रामक शॉट्स ने स्टेडियम को झुमाया। आखिरी ओवर में रिंकू सिंह का चौका भारत को जिताने वाला शॉट साबित हुआ। रिंकू का जश्न मनाते हुए टीम का गले मिलना दुबई की रात को यादगार बना दिया।
यह जीत भारत की पाकिस्तान के खिलाफ वर्चस्व को रेखांकित करती है। तिलक को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि कुलदीप टूर्नामेंट के टॉप विकेटटेकर बने। दुबई स्टेडियम की ग्रैंडस्टैंड से ली गई फोटोज—तिलक का बल्ला लहराना, ड्रेसिंग रूम में सूर्या का डांस—फैंस के दिलों में बस गईं। एशिया कप का यह फाइनल न सिर्फ क्रिकेट का, बल्कि दोस्ती और प्रतिद्वंद्विता का प्रतीक बना।