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दूसरी ओर, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बढ़ा दी है. सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों की खबरें सामने आई हैं. सरकार का आरोप है कि ये प्रदर्शन विदेशी ताकतों द्वारा भड़काए जा रहे हैं और देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचा रहे हैं.
अमेरिका के लिए यह स्थिति बेहद संवेदनशील है. यदि वह खुलकर समर्थन करता है, तो ईरान-अमेरिका संबंध और बिगड़ सकते हैं और मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ सकती है. हालांकि, मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के कारण अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है.
कुल मिलाकर, ईरान में चल रहा यह आंदोलन केवल आर्थिक विरोध नहीं रह गया है, बल्कि यह सत्ता और जनता के बीच सीधी टकराव की स्थिति बन चुका है. आने वाले दिन तय करेंगे कि यह विद्रोह दबा दिया जाएगा या देश के राजनीतिक भविष्य में बड़ा बदलाव लाएगा.
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