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ग्रैप-4 की वजह से टली थी कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आली गांव में 15 दिसंबर को बुलडोजर कार्रवाई प्रस्तावित थी, लेकिन दिल्ली में प्रदूषण के कारण ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू होने से उस समय कार्रवाई रोक दी गई थी. अब हालात सामान्य होने के बाद दोबारा कार्रवाई शुरू कर दी.बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध
बुलडोजर ऐक्शन की आशंका के बीच आली गांव के लोग सड़कों पर उतर आए हैं. मंगलवार को ग्रामीणों ने पोस्टर और बैनर के साथ पूरे गांव में मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे तीन पीढ़ियों से इसी इलाके में रह रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी विभाग की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई थी.
‘हमें बांग्लादेशी बताकर निशाना बनाया जा रहा है’ –प्रदर्शनकारी
कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उन्हें बांग्लादेशी बताकर बुलडोजर चलाने की कोशिश कर रहा है. लोगों का कहना है कि बिना किसी ठोस जांच के इस तरह की कार्रवाई करना गलत है और इससे सामाजिक तनाव बढ़ रहा है.प्रशासन की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों ने प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब इलाके में निर्माण हो रहा था, तब प्रशासन ने कोई रोक-टोक क्यों नहीं की. लोगों ने अपनी पूरी जीवनभर की कमाई लगाकर मकान बनाए, लेकिन अब अगर इन्हें तोड़ा जाता है तो नुकसान की भरपाई कौन करेगा?तीन पीढ़ियों से बसे परिवार, भविष्य को लेकर चिंतित
आली गांव में कई परिवार ऐसे हैं जो दशकों से वहीं रह रहे हैं. बच्चों की पढ़ाई, रोज़गार और सामाजिक जीवन इसी इलाके से जुड़ा हुआ है. ऐसे में अचानक घरों पर बुलडोजर चलने की आशंका ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है.आली गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब केवल प्रशासनिक मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह एक मानवीय और सामाजिक मुद्दा बन चुका है. एक तरफ सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की बात है, तो दूसरी तरफ सैकड़ों परिवारों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है.
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