वेनेज़ुएला के निर्वासित नेता निकोलस मादुरो को 3 जनवरी 2026 को अमेरिका की विशेष सैन्य कार्रवाई “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” के तहत काराकस से गिरफ्तार किया गया. मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क में फेडरल कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन पर नार्को‑आतंकवाद, कोकीन तस्करी और हथियारों से साजिश जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.
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अदालत में मादुरो की पेशी और उनकी दलील
5 जनवरी को अदालत में मादुरो और फ्लोरेस ने 'निर्दोष' (Not Guilty) की प्ली दर्ज कराई. मादुरो ने दावा किया कि उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया गया और वे अभी भी वेनेज़ुएला के वैध राष्ट्रपति हैं. जज ने अगली सुनवाई 17 मार्च 2026 के लिए निर्धारित की है. फिलहाल दोनों को हिरासत में रहने के निर्देश दिए गए हैं.अंतरराष्ट्रीय हलचल
वेनेजुएला में अमेरिकी हमले के बाद मादुरो की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दीं. कई देशों ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक बुलाई और कई लैटिन अमेरिकी सरकारों ने शांति और संवाद के ज़रिये समाधान की अपील की. वहीं कुछ देशों और विशेषज्ञों ने इसे नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई का एक आवश्यक कदम माना.