
अभिनेत्री की ओर से कहा गया कि इस तरह के फर्जी और भ्रामक वीडियो किसी व्यक्ति की छवि और निजी अधिकारों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन किसी भी वायरल कंटेंट को साझा न करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ “डीपफेक” और फर्जी वीडियो की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन तकनीकों की मदद से किसी भी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या चेहरे को डिजिटल रूप से बदलकर नकली वीडियो तैयार किए जा सकते हैं, जिससे गलत जानकारी फैलने और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई और डिजिटल जागरूकता बेहद जरूरी है। कई देशों में डीपफेक कंटेंट को लेकर नए नियम बनाने की मांग भी तेज हो रही है।
मनोरंजन जगत में भी AI तकनीक को लेकर बहस बढ़ती जा रही है। जहां एक ओर इसे तकनीकी प्रगति माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके दुरुपयोग को लेकर कलाकारों और सार्वजनिक हस्तियों में चिंता बढ़ रही है।
फिलहाल इस मामले में जांच एजेंसियां वायरल वीडियो के स्रोत और उसे फैलाने वाले अकाउंट्स की पहचान करने में जुटी हैं। अभिनेत्री के प्रशंसकों और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।