
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और रूस को वैश्विक स्थिरता बनाए रखने और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। वहीं पुतिन ने दोनों देशों के संबंधों को “अभूतपूर्व स्तर” का बताते हुए कहा कि रूस और चीन का सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और यूक्रेन युद्ध के कारण रूस अब चीन पर पहले से अधिक निर्भर हो गया है। वहीं चीन भी ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार संतुलन के लिए रूस को महत्वपूर्ण साझेदार मान रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
यह मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चीन यात्रा के कुछ ही दिनों बाद हुई है, इसलिए इसे वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। चीन इस बैठक के जरिए खुद को एक स्थिर और प्रभावशाली वैश्विक शक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।
