ट्रंप का नेतन्याहू पर फूटा गुस्सा: लेबनान मोर्चे पर फोन कॉल में चिल्लाए— "तुम पागल हो चुके हो, अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते!"

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच के रिश्ते अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं। गाजा युद्ध को तुरंत खत्म करने की सार्वजनिक नसीहत देने के बाद, अब दोनों नेताओं के बीच लेबनान और हिजबुल्लाह के मोर्चे को लेकर हुई एक बेहद तनावपूर्ण और गुप्त फोन कॉल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, इस कॉल पर डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू पर बुरी तरह चिल्लाते हुए उन्हें गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी तक दे डाली।

"यू आर F***ing क्रेजी..." — बंद कमरे की बातचीत आई सामने

अंतरराष्ट्रीय मीडिया और खुफिया सूत्रों के हवाले से आई इस ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान में इजरायल की सैन्य रणनीति और हिजबुल्लाह के खिलाफ एक और मोर्चा खोलने की नेतन्याहू की जिद पर डोनाल्ड ट्रंप का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस तीखी बातचीत के दौरान ट्रंप ने फोन पर चिल्लाते हुए नेतन्याहू से कहा:
तुम पूरी तरह से पागल हो चुके हो (You’re f***ing crazy)। अगर मैं (अमेरिका का राष्ट्रपति) न होता, तो तुम इस समय जेल की सलाखों के पीछे होते (You’d be in prison if not for me)!
ट्रंप का यह गुस्सा इस बात को लेकर था कि नेतन्याहू अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए युद्ध को पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में फैला रहे हैं, जिससे अमेरिका के लिए भी बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। 'जेल' वाले बयान से ट्रंप का सीधा इशारा नेतन्याहू के खिलाफ इजरायल में चल रहे भ्रष्टाचार के मुकदमों और 7 अक्टूबर की सुरक्षा चूक की ओर था, जिससे नेतन्याहू केवल युद्ध के बहाने ही बचे हुए हैं।

पुरानी कड़वाहट और नए गुस्से का मेल

यह कोई पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने नेतन्याहू के लिए ऐसे गंदे शब्दों या गाली का इस्तेमाल किया हो। लेकिन इस नई फोन कॉल से यह साफ हो गया है कि दोनों के बीच का झगड़ा सिर्फ पुराने चुनावी नतीजों (2020) तक सीमित नहीं है—जब नेतन्याहू ने जो बाइडन को जीत की बधाई दे दी थी और ट्रंप ने गुस्से में कहा था, "भाड़ में जाए वो।"

अब यह लड़ाई पुरानी बातों से आगे बढ़कर आज के युद्ध के तौर-तरीकों और सैन्य फैसलों तक पहुंच चुकी है। ट्रंप ने पहले भी अपनी रैलियों में खुलेआम कहा था कि 7 अक्टूबर को हमास ने जो हमला किया, उसके लिए नेतन्याहू खुद जिम्मेदार थे क्योंकि वे इसके लिए तैयार ही नहीं थे। लेकिन अब लेबनान के मुद्दे को लेकर जो नया खुलासा हुआ है, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है।

क्या नेतन्याहू की राजनीतिक ढाल बनना छोड़ रहे हैं ट्रंप?

राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख इजरायली प्रधानमंत्री के लिए बेहद खतरनाक संकेत है:
  1. राजनीतिक अस्तित्व पर संकट: नेतन्याहू के आलोचक हमेशा से यह आरोप लगाते रहे हैं कि वे केवल अपनी सत्ता बचाने और जेल जाने से बचने के लिए युद्ध को लंबा खींच रहे हैं। अब ठीक यही बात डोनाल्ड ट्रंप ने निजी बातचीत में उनके मुंह पर बोल दी है।
  2. व्हाइट हाउस की वापसी की शर्तें: यदि ट्रंप 2026 या आगामी चुनावों के बाद व्हाइट हाउस में दोबारा लौटते हैं, तो वे नेतन्याहू को कड़ा सबक सिखाने और इजरायल की सैन्य नीतियों पर लगाम लगाने के मूड में हैं।
यह नया खुलासा यह साबित करता है कि इजरायल और अमेरिका के दक्षिणपंथी नेताओं के बीच का आंतरिक गठबंधन पूरी तरह बिखर चुका है। डोनाल्ड ट्रंप अब बेंजामिन नेतन्याहू को इजरायल के रक्षक के रूप में नहीं, बल्कि एक 'लापरवाह और जिद्दी राजनेता' के रूप में देख रहे हैं, जो खुद को बचाने के लिए पूरे क्षेत्र को आग में झोंकने के लिए तैयार है।

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