नई दिल्ली: देश की राजधानी के उत्तर-पूर्वी जिले से अपराध की एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ कुछ बदमाशों ने आपसी रंजिश के चलते एक ही शख्स को चार दिनों के भीतर दो बार जान से मारने की कोशिश की। हालांकि, दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी के कारण इन आरोपियों के मंसूबे कामयाब नहीं हो सके। न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के इन दोनों मामलों को सुलझा लिया है और तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और कैसे पुलिस ने इस दोहरे हमले की गुत्थी को सुलझाया।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन युवाओं के पास यह अवैध हथियार कहाँ से आया था। पुलिस हथियार सप्लायर नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।
क्या है पूरा मामला? 4 दिनों में दो बार की फायरिंग
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बदमाशों के निशाने पर न्यू उस्मानपुर इलाके का रहने वाला रवि प्रकाश (पुत्र स्वर्गीय बलराम) था। बदमाशों ने उसे जान से मारने के इरादे से एक के बाद एक दो वारदातों को अंजाम दिया:- पहली वारदात (08 जुलाई 2026): पुलिस को न्यू उस्मानपुर इलाके में फायरिंग की पहली सूचना मिली। इस घटना में किसी को चोट नहीं आई थी। पीड़ित रवि प्रकाश के बयान के आधार पर पुलिस ने FIR नंबर 466/2026 दर्ज कर पवन, कृष्णा और दो अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
- दूसरी वारदात (11 जुलाई 2026): पहली घटना के ठीक तीन दिन बाद आरोपियों ने एक बार फिर रवि प्रकाश पर हमला बोल दिया। इस बार बदमाशों ने रवि प्रकाश के पैर में घुटने के नीचे गोली मार दी, जिससे वह आंशिक रूप से घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए FIR नंबर 473/2026 दर्ज कर जांच का इरादा और सख्त किया।
50 से अधिक CCTV कैमरों की जांच और पुलिस का एक्शन प्लान
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर-पूर्वी जिले के डीसीपी राहुल अलवाल (IPS) के निर्देशानुसार एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस टीमों ने सबसे पहले घटनास्थल और उसके आस-पास के रास्तों पर लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला, जिससे आरोपियों के भागने के रूट का सुराग मिला। इसी के साथ पुलिस ने आधुनिक तकनीकी सर्विलांस और जमीनी प्रयासों के बाद आखिरकार बदमाशों के छिपने के ठिकाने का पता चला और पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों नामजद आरोपियों को धर दबोचा।गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल और उनका मकसद
पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों आरोपी न्यू उस्मानपुर इलाके के ही रहने वाले हैं और उनकी उम्र 22 से 24 वर्ष के बीच है, जिनका पहले का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। पकड़े गए आरोपियों में 24 वर्षीय पवन (पुत्र राजू) और 22 वर्षीय शेखर उर्फ अपराधी (पुत्र पंकज) दोनों न्यू उस्मानपुर के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा आरोपी 23 वर्षीय कृष्णा उर्फ किस्सू (पुत्र जयप्रकाश) ओल्ड उस्मानपुर के दूसरे पुश्ते का निवासी है। पुलिस द्वारा की गई गहन पूछताछ में इन तीनों आरोपियों ने दोनों फायरिंग की घटनाओं में अपना हाथ होने की बात कबूल कर ली है। आरोपियों ने खुलासा किया कि पीड़ित रवि प्रकाश के साथ कुछ समय पहले उनका किसी बात को लेकर तीखा झगड़ा हुआ था। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने और पीड़ित को सबक सिखाने के इरादे से उन्होंने पूरी साजिश रची थी और रवि प्रकाश के घर के बाहर दो बार फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया।हथियारों की बरामदगी और आगे की जांच
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। राहत की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए इन तीनों आरोपियों का पहले का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।फिलहाल, दिल्ली पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन युवाओं के पास यह अवैध हथियार कहाँ से आया था। पुलिस हथियार सप्लायर नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।
Tags
क्राइम
ख़बर
जुर्म
दिल्ली
Attempt to Murder Case Delhi
Crime Updates
Delhi Crime News
Delhi Police
Delhi Police Arrest
New Usmanpur Firing Case
North East Delhi Police