दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षाओं में धांधली और छात्रों के हक के लिए चल रहा आंदोलन अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है। मशहूर जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज (7 जुलाई) 10वां दिन है। भीषण गर्मी और लगातार उपवास के कारण उनके स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसने डॉक्टरों और उनके समर्थकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।


सोशल मीडिया पर जारी ताजा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, पिछले 10 दिनों में सोनम वांगचुक का वजन 7.3 किलोग्राम तक कम हो गया है। आइए जानते हैं कि इस समय प्रदर्शन स्थल पर क्या हालात हैं और वांगचुक का लेटेस्ट हेल्थ अपडेट क्या है।
CJP की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में पूरी तरह से पारदर्शिता लाना है। छात्रों के इस दर्द को समझते हुए सोनम वांगचुक ने 28 जून को इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया और खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP के वरिष्ठ नेता अभिजीत दिपके ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा:
"यह एक सामूहिक विरोध प्रदर्शन (Mass Protest) है। आंदोलन को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर व्यक्ति का अनशन पर बैठना जरूरी नहीं है। अलग-अलग लोग अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।"
अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में क्या सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करती है या फिर सोनम वांगचुक का यह अनशन किसी बड़े आंदोलन का रूप अख्तियार करेगा। देश के युवाओं के भविष्य और एक सम्मानित नागरिक की सेहत को देखते हुए इस मामले का जल्द समाधान निकलना बेहद जरूरी है।
10वें दिन का हेल्थ अपडेट: ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल में भारी गिरावट
28 जून 2026 से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की निगरानी लगातार डॉक्टरों की एक मेडिकल टीम कर रही है। आज (मंगलवार) सुबह जारी किए गए मेडिकल आंकड़ों के मुताबिक:- ब्लड प्रेशर (BP): 102/61 mmHg
- ब्लड ग्लूकोज (Sugar Level): 68 mg/dL
- वजन में गिरावट: 7.3 किलोग्राम
क्यों अनशन पर बैठे हैं सोनम वांगचुक?
लद्दाख के रहने वाले सोनम वांगचुक को देश-दुनिया में शिक्षा सुधारों और पर्यावरण संरक्षण के लिए जाना जाता है। इस बार वे छात्रों के भविष्य को लेकर सड़क पर उतरे हैं। दरअसल, देश में NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अनियमितताओं और मानसिक तनाव के कारण छात्रों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले 20 जून से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रही है।CJP की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में पूरी तरह से पारदर्शिता लाना है। छात्रों के इस दर्द को समझते हुए सोनम वांगचुक ने 28 जून को इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया और खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।
जंतर-मंतर पर विवाद: 'पिकनिक स्पॉट' के आरोपों पर CJP का जवाब
एक तरफ जहाँ सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर इस आंदोलन को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन स्थल पर कई लोग खाना खाते और घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह विरोध प्रदर्शन कम और "पिकनिक स्पॉट" ज्यादा लग रहा है।इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP के वरिष्ठ नेता अभिजीत दिपके ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा:
"यह एक सामूहिक विरोध प्रदर्शन (Mass Protest) है। आंदोलन को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर व्यक्ति का अनशन पर बैठना जरूरी नहीं है। अलग-अलग लोग अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।"
सरकार की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
सोनम वांगचुक के अनशन को 10 दिन बीत चुके हैं और NEET परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इसके बावजूद, अभी तक केंद्र सरकार या शिक्षा मंत्रालय की ओर से इस भूख हड़ताल और मांगों को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या आश्वासन सामने नहीं आया है। वांगचुक के समर्थकों का कहना है कि सरकार की यह चुप्पी प्रदर्शनकारियों के हौसले को तोड़ने के बजाय आंदोलन को और उग्र बना सकती है।अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में क्या सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करती है या फिर सोनम वांगचुक का यह अनशन किसी बड़े आंदोलन का रूप अख्तियार करेगा। देश के युवाओं के भविष्य और एक सम्मानित नागरिक की सेहत को देखते हुए इस मामले का जल्द समाधान निकलना बेहद जरूरी है।
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