
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए और मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की। उन्होंने एक आयोग का गठन भी किया, जिसकी अगुवाई रिटायर्ड हाईकोर्ट जज अरुणा जगदीश करेंगी, ताकि घटना की निष्पक्ष जांच हो सके। स्टालिन ने सचिवालय में आपात बैठक बुलाई।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम और राज्यपाल से बात कर केंद्रीय सहायता का भरोसा दिलाया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह ने शोक व्यक्त किया। टीवीके प्रमुख विजय ने गहन दुख जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी और मंत्री अंबिल माहेश पॉय्यमोज्ही ने करूर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। विपक्षी नेता भी एकजुट होकर सहानुभूति जता रहे हैं। यह घटना राजनीतिक रैलियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है।