नेपाल के सीमावर्ती शहर बिरगंज में साम्प्रदायिक तनाव के चलते प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दिया है. जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार
5 जनवरी की शाम 6 बजे से 6 जनवरी की सुबह 8 बजे तक शहर के संवेदनशील इलाकों में पूर्ण कर्फ्यू रहेगा. इसका उद्देश्य बिगड़ते हालात पर नियंत्रण पाना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है.
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सोशल मीडिया वीडियो से भड़का विवाद
यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल एक टीकटॉक वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली सामग्री थी. वीडियो सामने आने के बाद दानुषा जिले के कमला नगरपालिका क्षेत्र में गुस्सा भड़क उठा. इसी दौरान एक मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए.
विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
मस्जिद में हुई तोड़फोड़ के विरोध में स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने बिरगंज में प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाए और कुछ स्थानों पर पुलिस पर पथराव भी किया. हालात बेकाबू होते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके.
प्रोहिबिटरी ऑर्डर के बाद कर्फ्यू
प्रशासन ने पहले दोपहर से ही प्रोहिबिटरी ऑर्डर लागू कर दिया था, जिसमें रैली, जुलूस और सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाई गई थी. इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहने पर जिला प्रशासन को कर्फ्यू लगाने का फैसला करना पड़ा. कर्फ्यू के दौरान बस पार्क, सिरसिया ब्रिज, पावरहाउस चौक और शंकराचार्य गेट जैसे प्रमुख इलाकों में आवाजाही प्रतिबंधित है.
प्रशासन की अपील
परसा जिला प्रशासन ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है. अधिकारियों ने साफ कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.