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इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि आज से भारत का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की सबसे अधिक संख्या वाले राज्यों में शामिल हो गया है. उन्होंने दोहरी खुशी जताते हुए कहा, “यह वही राज्य है जिसने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना और सांसद बनाया, और अब इसकी पहचान इस शानदार हवाई अड्डे से जुड़ गई है.”
नए हवाई अड्डे से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विशाल क्षेत्र को लाभ मिलेगा. आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलंदशहर और फरीदाबाद समेत कई जिलों के किसान, लघु-मध्यम उद्यमी और युवाओं के लिए नये अवसर सृजित होंगे. पीएम ने कहा, “यहां से विमान दुनिया भर के लिए उड़ान भरेंगे और यह हवाई अड्डा विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक बनेगा.”
प्रधानमंत्री ने वैश्विक संकट का भी जिक्र किया. पश्चिम एशिया में एक महीने से अधिक समय से चल रहे युद्ध के कारण भोजन, पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक जैसे आवश्यक सामानों का संकट पैदा हो गया है. भारत इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस आयात करता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव कदम उठा रही है ताकि इस संकट का बोझ आम परिवारों और किसानों पर न पड़े.
उन्होंने बताया कि हाल के हफ्तों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह चौथी बड़ी परियोजना है. नोएडा में बड़ी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की नींव रखी गई, दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन शुरू हुई, मेरठ मेट्रो का विस्तार हुआ और अब नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का उद्घाटन हो गया. इन परियोजनाओं से क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत कर रहा है.
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि जेवर हवाई अड्डे की मंजूरी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 2003 में दी थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने नींव रखकर निर्माण पूरा किया. इस क्षेत्र को दो प्रमुख माल ढुलाई गलियारों का केंद्र बनाया जा रहा है, जिससे उत्तर भारत का बंगाल और गुजरात के समुद्र तटों से बेहतर संपर्क स्थापित हो रहा है. दादरी इस गलियारे का महत्वपूर्ण केंद्र है.
उन्होंने भूमि देने वाले किसानों का आभार व्यक्त किया और कहा कि आधुनिक संपर्क से खाद्य प्रसंस्करण और कृषि उत्पादों के वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान होगी.
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