कानपुर देहात में टायर फैक्ट्री में भीषण आग: फ्यूल टैंक धमाके में दो मजदूरों की दर्दनाक मौत, मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। जिले के गजनेर थाना क्षेत्र स्थित जरिहा गांव में संचालित ओउम जेवीआरडी टायर फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही पलों में इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरी फैक्ट्री धुएं और ऊंची-ऊंची लपटों से घिर गई। घटना के समय परिसर में मौजूद मजदूरों के बीच भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। इस भयावह अग्निकांड की वजह से इलाके में सनसनी फैल गई है और प्रशासनिक तंत्र तुरंत हरकत में आ गया है।

कानपुर देहात में टायर फैक्ट्री में भीषण आग: फ्यूल टैंक धमाके में दो मजदूरों की दर्दनाक मौत, मचा हड़कंप
Image Source: x.com/@gaurav1307kumar

फ्यूल टैंक में हुआ जोरदार धमाका, उड़े परखच्चे

फैक्ट्री परिसर में टायरों से तेल निकालने की प्रक्रिया के दौरान अचानक आग भड़की और देखते ही देखते वहां मौजूद एक मुख्य फ्यूल टैंक को अपनी चपेट में ले लिया। आग की अत्यधिक तपन और दबाव के कारण फ्यूल टैंक में जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास काम कर रहे कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। टैंक में ब्लास्ट होने से भीषण आग और तेजी से फैल गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और जान बचाने के लिए मजदूर बाहर की तरफ भागने लगे।

हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत

फ्यूल टैंक में हुए इस भयंकर विस्फोट और अग्निकांड की चपेट में आने से वहां कार्यरत दो मजदूरों की मौके पर ही जलकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के वक्त दोनों श्रमिक सुरक्षा मानकों के अभाव में टैंक के बेहद करीब मौजूद थे और लपटों में घिरने के कारण बाहर नहीं निकल पाए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने तुरंत घटनास्थल को सील कर दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृत श्रमिकों की शिनाख्त और उनके परिजनों से संपर्क साधने की कोशिशें जारी हैं।

दमकल की गाड़ियों ने फोम और पानी से पाया आग पर काबू

आग लगने की सूचना सोमवार शाम करीब पौने छह बजे फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में दमकल की कई गाड़ियां और फायर टेंडर मौके पर रवाना किए गए। दमकल कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर देखा कि दो में से एक फ्यूल टैंक पूरी तरह से आग की लपटों में घिरा हुआ था। दूसरे टैंक को ब्लास्ट होने से बचाने के लिए दमकल टीम ने तुरंत उसकी कूलिंग शुरू की। पानी के साथ विशेष केमिकल फोम का छिड़काव करके अग्निशमन दल ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया।

जांच में जुटा प्रशासन, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस भयंकर हादसे की सूचना मिलते ही जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें फैक्ट्री में आग लगने के मुख्य कारणों की जांच में जुट गई हैं। शुरुआती तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ या फिर किसी तकनीकी खराबी के चलते फ्यूल टैंक में ब्लास्ट हुआ। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि फैक्ट्री संचालन के लिए अग्नि सुरक्षा उपकरण और वैध लाइसेंस मौजूद थे या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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