दिल्ली के साउथ कैम्पस इलाके में स्थित सत्य निकेतन में एक बड़ा हादसा हो गया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर से सटा होने के कारण सत्य निकेतन हजारों छात्रों और कामकाजी युवाओं का मुख्य रिहायशी केंद्र माना जाता है। इसी भीड़भाड़ वाले इलाके में अचानक एक मल्टी-स्टोरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हादसे के वक्त इमारत के भीतर कई लोग मौजूद थे। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोगों का इलाज जारी है।
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रेनोवेशन का काम बना हादसे की मुख्य वजह
प्राथमिक जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त इमारत का इस्तेमाल एक प्राइवेट बॉयज PG (पेइंग गेस्ट) के रूप में किया जा रहा था, जिसे 'हॉस्टल डेज' नाम से चलाया जा रहा था। चश्मदीदों का कहना है कि इस बहुमंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पिछले कुछ दिनों से बड़े पैमाने पर रेनोवेशन और खुदाई का काम चल रहा था। बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह या सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे की जा रही इस तोड़ा-फोड़ी के कारण इमारत के मुख्य पिलर और नींव पर अत्यधिक दबाव पड़ गया। नतीजतन, पूरी इमारत अपनी जगह पर ही धंस गई और मलबे का ढेर बन गई।
फरार मकान मालिक हरिराम गुप्ता और परिवार गिरफ्तार
सत्य निकेतन हादसे में दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मकान मालिक हरिराम गुप्ता (81), उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता (75) और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से कोर्ट ने हरिराम और उनकी पत्नी उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, पीजी के मैनेजमेंट का काम देख रहे उनके बेटे महेश को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है ताकि हादसे की तह तक जांच की जा सके।दिल्ली महापौर का कड़ा आदेश: 4 मंजिल से ऊपर के अवैध निर्माण होंगे सील
इस हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम और प्रशासनिक अमले में भारी खलबली मच गई है। दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया पर कड़ा संदेश जारी किया है। महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्य निकेतन की घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने एक बड़े प्रशासनिक फैसले का ऐलान करते हुए आदेश दिया है कि इलाके में मौजूद 4 मंजिलों से अधिक वाले उन सभी अवैध निर्माणों को तुरंत प्रभाव से सील किया जाएगा जो नगर निगम के नक्शे और नियमों के खिलाफ बने हैं। इसके साथ ही, इस तरह के अवैध निर्माणों को संरक्षण देने या अनदेखी करने वाले दोषी नगर निगम अधिकारियों पर गाज गिरना तय है; महापौर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का निर्देश जारी कर दिया है।
दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
— Pravesh Wahi (@praveshwahi) September 6, 2026
चार मंजिल से अधिक वाले सभी अवैध निर्माणों को तत्काल सील किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाएगा।
ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए…
अवैध PG निर्माण पर उठे गंभीर सवाल
सत्य निकेतन में हुए इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी दिल्ली के छात्र इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण और कमर्शियल PG सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ज्यादा से ज्यादा छात्रों को बसाने और अधिक किराया वसूलने के लालच में मकान मालिक बिना किसी सेफ्टी क्लीयरेंस और MCD अप्रूवल के 3 से 4 मंजिला इमारतों के ऊपर 5वीं और 6ठी मंजिलें खड़ी कर देते हैं। बिना पिलर क्षमता जांचे किए जाने वाले ऐसे निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि मासूम जिंदगियों के लिए सीधे-सीधे मौत का जाल साबित हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों की मांग है कि पूरे साउथ कैम्पस इलाके में बने सभी PG की सुरक्षा ऑडिट कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
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