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| Image Source: Social Media and The Red Mike |
अभिजीत दीपके और नेहा बोरा की हिरासत के बाद सोशल मीडिया पर उबाल
कॉकरोच जनता पार्टी और छात्र संगठनों के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से लगातार गंभीर बयान जारी किए जा रहे हैं। पार्टी के बयानों के मुताबिक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने के बाद घंटों तक उनके ठिकाने के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिसे लेकर समर्थकों में भारी आक्रोश है। वहीं छात्र नेत्री नेहा बोरा की हिरासत के बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट को उनके सहयोगी संभाल रहे हैं, जिनके माध्यम से यह जानकारी सामने आई कि उन्हें आरके पुरम पुलिस स्टेशन में रखा गया है और पुलिस कार्रवाई के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। समर्थकों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन युवाओं की आवाज को दबाने के लिए लगातार अलोकतांत्रिक हथकंडों का इस्तेमाल कर रहा है।🚨🚨SOS🚨🚨 It’s been more than 8 hours of illegal detention of Abhijeet. Where is Abhijeet!!! Release him
— Cockroach Janta Party - CJP (@Cockroachisback) October 16, 2026
When will Neha be released? Neha is being held at RK Puram Police Station after more than 5 hours of being taken around Delhi as a lone detainee! https://t.co/JsZnejBIvB
— Neha (@neha_aisa) October 16, 2026
अरविंद केजरीवाल का कड़ा बयान और केंद्र सरकार पर हमला
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बेहद कड़े शब्दों में अपना विरोध दर्ज कराते हुए लिखा कि यदि हम अपने ही देश में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो क्या पाकिस्तान जाकर लहराएंगे। उन्होंने सरकार और व्यवस्था से सीधा सवाल किया कि जिन्हें भारतीय तिरंगे से परेशानी है, वे खुद पाकिस्तान क्यों नहीं चले जाते। केजरीवाल के इस आक्रामक बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी का स्पष्ट मानना है कि शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रीय ध्वज फहराने और लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने वाले युवाओं को इस तरह निशाना बनाना तानाशाही का स्पष्ट प्रमाण है।हम अपने देश में तिरंगा नहीं लहरायेंगे तो क्या पाकिस्तान में लहरायेंगे? जिन्हें भारतीय तिरंगे से परेशानी है, वो पाकिस्तान चले जायें।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 16, 2026
ममता बनर्जी का तीखा तंज, इसे बताया अघोषित आपातकाल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा की है। ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि आखिर दिल्ली पुलिस किस प्रकार के आदेशों पर काम कर रही है, जहां स्वतंत्र भारत में युवाओं को सिर्फ राष्ट्रीय ध्वज फहराने और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने पर गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने इस पूरी स्थिति को 'अघोषित आपातकाल' करार देते हुए कहा कि जो सरकार असहमतियों के स्वरों से डरती है, वह संपूर्ण युवा पीढ़ी को भयभीत कर खामोश करना चाहती है। उन्होंने साफ कहा कि यह एक फासीवादी शासन का स्पष्ट आचरण है जो किसी भी स्वतंत्र आवाज को बर्दाश्त नहीं कर सकता। ममता बनर्जी ने हिरासत में मौजूद अभिजीत, नेहा, आशुतोष और सौरव जैसे युवाओं की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि कोई भी सरकारी ताकत देश के लोकतंत्र और युवाओं के बुलंद हौसलों को कुचल नहीं सकती।WHAT IS DELHI POLICE UP TO? Abhijeet Dipke has been detained for holding the Indian National Flag. Let that sink in. In Independent India, our youth are being detained for peacefully asserting their democratic rights. This is nothing short of an undeclared Emergency. A government that fears dissent is now trying to intimidate an entire generation into silence. This is the conduct of a fascist regime that cannot tolerate a voice it cannot control. Abhijeet, Ashutosh, Saurav — you represent the courage, conscience and aspirations of India’s youth. You cannot silence an entire generation by suppressing its voice. Your Didi stands firmly with you. No intimidation, no detention and no abuse of power can crush the spirit of democracy. WAKE UP, INDIA! The fight for democracy, freedom and the right to dissent will continue.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) October 16, 2026
ध्रुव राठी का अंतरराष्ट्रीय मंच से विरोध प्रदर्शन का ऐलान
इस राजनीतिक और सामाजिक संकट की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई देने लगी है। प्रसिद्ध यूट्यूबर और विश्लेषक ध्रुव राठी ने लंदन पहुंचते ही इस दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ मुखर विरोध दर्ज कराया है। ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश के जरिए दुनिया भर के लोगों का ध्यान इस बात की ओर आकर्षित किया है कि देश के भीतर किस प्रकार लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटा जा रहा है। उन्होंने लंदन में रह रहे तमाम भारतीयों और न्यायप्रिय नागरिकों से अपील की है कि वे महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने पार्लियामेंट स्क्वायर में एकत्र होकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लें और इस तानाशाही के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करें।I’ve just reached London It’s time the world sees the reality of vote chor and murderer of democracy. International danka bajane ka time aa gaya hai Join the protest tomorrow in front of Mahatma Gandhi’s statue in parliament square at 12pm if you’re here Jai Hind 🇮🇳
— Dhruv Rathee (@dhruv_rathee) October 16, 2026
