
समाजवादी पार्टी के प्रेस कॉन्फ्रेंस और आरोपों के बाद गरमाई सियासत
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब समाजवादी पार्टी ने बीते 15 अक्टूबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यह गंभीर आरोप लगाया था कि आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 'विकास यादव' नामक एक ही व्यक्ति का नाम 10 बार से अधिक बार गलत तरीके से दर्ज किया गया है।![]() |
| समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का प्रेस कॉन्फ्रेंस | 15 अक्टूबर, 2026 |
जांच रिपोर्ट में खुलासे, तकनीकी चूक और वास्तविक मतदाताओं का सच
जब जिला प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों ने इस मामले की गहराई से छानबीन की, तो कई चौकाने वाले और तकनीकी पहलू सामने आए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, गोरखपुर जनपद के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित एक मतदाता का नाम और उसके पिता का नाम (वल्दियत) समान पाया गया, जो बाकी प्रविष्टियों से पूरी तरह अलग था। वहीं जब आजमगढ़ की मतदाता सूची की सूक्ष्मतम छानबीन की गई तो यह पाया गया कि हिंदी भाषा में 'विकास यादव' नाम कुल 13 जगहों पर प्रदर्शित हो रहा था। निर्वाचन विभाग के स्पष्टीकरण के अनुसार, इन 13 स्थानों में से 2 जगहों पर नियमानुसार पहले ही विलोपन यानी नाम हटाने की कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके अलावा शेष बची 11 प्रविष्टियां दरअसल जनपद आजमगढ़ के ही 11 अलग-अलग वास्तविक व्यक्तियों से जुड़ी हुई थीं, जो वर्तमान में अपने-अपने गांवों में ही पूरी तरह वैध रूप से निवास कर रहे हैं। तकनीकी चूक या मानवीय भूल के कारण इन अलग-अलग वास्तविक व्यक्तियों के नाम डेटाबेस में सही तरीके से उपनाम या मध्य नाम के साथ अपडेट नहीं हो पाए थे, जिसके बाद इनमें से असली विकास यादव को छोड़कर बाकी 10 व्यक्तियों के वास्तविक नाम और अन्य विवरणों को दुरुस्त करने के लिए फॉर्म-8 भरवाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी दुविधा से बचा जा सके।कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (प्रेस विज्ञप्ति) समाजवादी पार्टी द्वारा प्रेस वार्ता के माध्यम से "विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नामक व्यक्ति का नाम 10 बार अंकित होने" के आरोप के संबंध में करायी गयी जांच पूर्ण प्रकरण में दोषी पाये गए कम्प्यूटर सहायक एवं 05 बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाता सूची के कार्य से तत्काल हटाने के निर्देश कम्प्यूटर सहायक एवं 05 बूथ लेवल अधिकारियों को सेवा से हटाये जाने सम्बन्धी दिया गया नोटिस दोषी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत कार्रवाई किये जाने के निर्देश जिम्मेवार तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 02 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने के निर्देश लखनऊ, 24 अक्टूबर, 2026। समाजवादी पार्टी द्वारा दिनांक 15 अक्टूबर 2026 को प्रेस वार्ता के माध्यम से लगाये गये आरोप "विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नामक व्यक्ति का नाम 10 बार अंकित होने" का त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रकरण की विस्तृत जांच आख्या जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ से प्राप्त की गयी। प्राप्त जांच आख्या के अनुसार समान नाम,समान वल्दियत का एक मतदाता गोरखपुर जनपद के विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र चौरीचौरा से सम्बन्धित है, जो अन्य 13 प्रविष्टियों से भिन्न है। विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में आरोप में उल्लिखित मतदाता ‘‘विकास यादव’’ का हिन्दी में नाम 13 बार अंकित होना पाया गया। 13 जगह मतदाताओं के नाम हिन्दी में ‘‘विकास यादव’’ प्रदर्शित होने के संदर्भ में 02 जगह पूर्व में ही नियमानुसार विलोपन की कार्यवाही की जा चुकी है। शेष 11 प्रविष्टियां जनपद आजमगढ़ के 11 अलग-अलग व्यक्तियों से सम्बन्धित हैं, जो अपने-अपने गांव में वर्तमान में निवास कर रहे हैं और उन 11 में से वास्तविक ‘‘विकास यादव’’ को छोड़कर अन्य 10 व्यक्तियों के वास्तविक नाम एवं अन्य विवरण के संशोधन हेतु को फार्म-8 भरवा दिया गया है। प्रकरण में दोषी पाये गए मतदाता पंजीकरण केन्द्र के कम्प्यूटर सहायक एवं बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाता सूची के कार्य से तत्काल हटाते हुए उनकी सेवा समाप्त किये जाने सम्बन्धी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रकरण के लिए जिम्मेवार विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ के कम्प्यूटर सहायक एवं बूथ लेवल अधिकारियों, तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 02 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत कार्रवाई किये जाने से पूर्व उनको नोटिस दिए जाने के निर्देश दिये गये हैं। मतदाता सूची तैयार करने के कार्य में अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं पर्यवेक्षण में शिथिलता बरतने के लिए तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 02 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ किये जाने हेतु आरोप पत्र जारी किये जाने के भी निर्देश दिये गये हैं। जनपद आजमगढ़ के समस्त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की भी इस बिन्दु पर गहनता से जांच कर विस्तृत आख्या एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश भी जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को दिये गये हैं।
— CEO Uttar Pradesh (@ceoup) October 24, 2026
