दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में रैली के लिए कांग्रेस को दी अनुमति, इन सख्त शर्तों का करना होगा पालन

राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस के उपायुक्त (मध्य जिला, दरियागंज) कार्यालय की ओर से कांग्रेस पार्टी को एक महत्वपूर्ण आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। इस पत्र के माध्यम से कांग्रेस पार्टी को आगामी एक नवंबर को रामलीला मैदान में एक विशाल रैली आयोजित करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी दे दी गई है। इसके साथ ही मैदान की बुकिंग 25 अक्टूबर से तीन नवंबर तक के लिए मान्य की गई है, ताकि कार्यक्रम की तैयारियों और उसके समापन के बाद की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके। यह अनुमति मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है और कांग्रेस खेमे में भव्य तैयारियों की शुरुआत हो चुकी है।

दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में रैली के लिए कांग्रेस को दी अनुमति, इन सख्त शर्तों का करना होगा पालन

कांग्रेस पार्टी की ओर से आवेदन और पुलिस का फैसला

कांग्रेस पार्टी की ओर से पार्टी मुख्यालय के इनचार्ज और सीडब्ल्यूसी के स्थायी आमंत्रित सदस्य मनीष छत्रथ ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर रामलीला मैदान में रैली के आयोजन के लिए अनुमति मांगी थी। इस आवेदन पर विचार करने के बाद कानून और व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने कुछ विशिष्ट और सख्त शर्तों के अधीन अपनी मंजूरी प्रदान की है। पुलिस द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में शांति, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से सुचारू बनाए रखना है, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के कड़े निर्देश

पुलिस आदेश के अनुसार, इस पूरी रैली के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजकों को प्रशासन के साथ पूर्ण सहयोग करना होगा। रैली में भाग लेने वाले सभी लोगों को देश के संविधान और नियमों का पूरी तरह से सम्मान करना होगा। इसके अलावा, किसी भी प्रकार के उपद्रव, हिंसा या सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने वाले कृत्यों को रोकने के लिए आयोजकों को कड़े और आवश्यक उपाय करने के लिए पाबंद किया गया है। भीड़ को नियंत्रित रखना और किसी भी असामाजिक तत्व को सभा की शांति भंग करने से रोकना पूरी तरह से आयोजन समिति की जिम्मेदारी होगी।

दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में रैली के लिए कांग्रेस को दी अनुमति, इन सख्त शर्तों का करना होगा पालन

दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में रैली के लिए कांग्रेस को दी अनुमति, इन सख्त शर्तों का करना होगा पालन

सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा नियंत्रण कक्ष अनिवार्य

सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने हाई-डिफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं। रामलीला मैदान के सभी एंट्री और एग्जिट गेटों, मंच, आसपास के क्षेत्रों और बैठने वाले हिस्सों में पर्याप्त संख्या में कैमरे लगाने होंगे, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग के लिए कम से कम पांच स्क्रीन और एक समर्पित सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित करना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही कार्यक्रम में आने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं का ख्याल रखते हुए पानी के टैंकर और महिलाओं के लिए अलग से शौचालय ब्लॉक स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मंच से भड़काऊ भाषण और अनुचित भाषा पर पूर्ण प्रतिबंध

रैली के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए आयोजकों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों को तैनात करना होगा, जिनकी पहचान के लिए वे एक जैसी ड्रेस या फिर एक जैसे विशिष्ट बैज पहनेंगे। पुलिस के दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह प्रस्तावित रैली पूरी तरह से शांतिपूर्ण होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार का उग्र या असंसदीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, मंच से किसी भी ऐसे वक्ता को बोलने की अनुमति नहीं होगी जो किसी जाति, समुदाय, रंग या धर्म के खिलाफ कोई भड़काऊ भाषण दे सके, जिससे क्षेत्र की सार्वजनिक शांति और सद्भाव को ठेस पहुंचे। यदि कोई भड़काऊ या डराने वाला भाषण दिया जाता है, तो आयोजकों को तुरंत उस वक्ता का माइक बंद कर के मंच से हटाना होगा।

समय सीमा का पालन और रात्रि विश्राम पर रोक

समय सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस के आदेश के मुताबिक, यह रैली निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक नवंबर को सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक समाप्त हो जाएगी। शाम 5 बजे के बाद रैली के समापन की घोषणा के साथ ही भीड़ का तितर-बितर होना शुरू हो जाना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में इस समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, रामलीला मैदान या उसके आसपास किसी भी प्रतिभागी को रैली से पहले या बाद में रात्रि विश्राम यानी नाइट स्टे करने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी।

पार्किंग व्यवस्था और मार्च निकालने पर पाबंदी

यातायात और पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं। रैली में आने वाली सभी बसें, कारें, टेम्पो और अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधन केवल ट्रैफिक यूनिट द्वारा बताए गए और निर्धारित किए गए स्थानों पर ही पार्क किए जाएंगे। इसके साथ ही रामलीला मैदान से बाहर किसी अन्य स्थान की ओर कोई भी मार्च या जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई है। आयोजकों को अपने सभी आमंत्रित मेहमानों, स्वयंसेवकों, मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम की पूरी सूची के साथ-साथ बसों की संख्या और उनके रजिस्ट्रेशन नंबर की जानकारी भी पुलिस विभाग को समय से पहले उपलब्ध करानी होगी।

नियमों के उल्लंघन पर रद्द हो सकती है एनओसी

अंत में पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि आयोजकों की तरफ से इन शर्तों या नियमों में से किसी भी बात का उल्लंघन किया जाता है, तो पुलिस के पास यह पूरा अधिकार सुरक्षित रहेगा कि वह बिना किसी पूर्व नोटिस के दी गई इस अनुमति या एनओसी को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दे। इस मामले की एक प्रति स्थानीय कमला मार्केट के एसीपी और एसएचओ को आवश्यक कार्रवाई और मॉनिटरिंग के लिए भेज दी गई है ताकि कार्यक्रम के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

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