नेहा सिंह राठौर का ABP न्यूज़ पर मानहानि का आरोप, चैनल की माफी के बाद अब कोर्ट जाने का ऐलान

भोजपुरी लोक संगीत के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रहने वाली प्रसिद्ध लोक गायिका नेहा सिंह राठौर एक बार फिर जबरदस्त सुर्खियों में हैं। 17 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने देश के मीडिया जगत और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हड़कंप मचा दिया। नेहा सिंह राठौर ने देश के प्रमुख समाचार चैनलों में शुमार ABP न्यूज़ पर अपनी छवि को गंभीर रूप से धूमिल करने और मानहानि करने का सीधा आरोप लगाया।

"माफी मांगने से अफवाह थोड़ी मिट जाएगी" - ABP न्यूज़ के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर
Image Source: Social Media

मामला उस वक्त गरमा गया जब ABP न्यूज़ के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एक खबर में नेहा सिंह राठौर के नाम को एक विवादित घटना से गलत तरीके से जोड़ दिया गया। इसके जवाब में राठौर ने सोशल मीडिया पर ताबड़तोड़ हमले बोलते हुए चैनल की मंशा पर सवाल उठाए। हालांकि, विवाद बढ़ता देख समाचार चैनल ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित में खेद प्रकट किया और माफी मांगी। इसके बावजूद नेहा सिंह राठौर ने इस माफी को खारिज कर दिया है और स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगी।

ABP न्यूज़ पर लगाए गंभीर आरोप, एक्स पर जारी किए तीन तीखे वीडियो पोस्ट

विवाद की शुरुआत 17 अक्टूबर को उस समय हुई जब नेहा सिंह राठौर ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पहला पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक वीडियो भी संलग्न किया जिसमें उन्होंने ABP न्यूज़ पर बेहद तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि चैनल ने उन्हें गलत तरीके से एक वेश्या और कॉल गर्ल के रूप में पेश करने का प्रयास किया है।

अपने पहले पोस्ट में नेहा सिंह राठौर ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए लिखा कि जब भी वह सरकार से जनहित से जुड़े सवाल पूछती हैं, तो मुख्यधारा की मीडिया उन्हें अपमानित करने के हथकंडे अपनाती है। उन्होंने सीधे तौर पर मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने इस पूरी घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग को टैग करते हुए तीखा सवाल पूछा कि क्या देश में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने वाला आयोग निष्क्रिय हो चुका है। अपने बयान में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग किया और देश में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।

दूसरा पोस्ट: क्या बेटियों का सम्मान खेल का सामान बन गया है?

पहले पोस्ट के कुछ ही समय बाद नेहा सिंह राठौर ने एक और पोस्ट जारी कर मीडिया संस्थान के खिलाफ अपने रुख को और सख्त कर लिया। इस दूसरे पोस्ट में भी एक वीडियो संदेश शामिल था, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर चैनल के डिजिटल प्रसारण की नीयत पर सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक दलों का आईटी सेल उनका हौसला तोड़ने में नाकाम रहा, तो अब मीडिया संस्थानों के जरिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब मीडिया भी देश की बेटियों की गरिमा को तार-तार करने का काम करेगा? नेहा सिंह राठौर ने लिखा कि किसी भी महिला और बेटी के सम्मान से खिलवाड़ करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह मामला सिर्फ एक खबर तक सीमित नहीं रहेगा। इस दूसरे संदेश में भी उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग और प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए सवाल दागे कि आखिर बेटियों के मान-सम्मान के साथ इस तरह का खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा।

फेक न्यूज़ का मामला: हॉस्टल सेक्स रैकेट से जोड़ा गया था नाम

इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ ABP न्यूज़ के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित वह खबर थी, जिसमें तथ्यात्मक जांच के बिना ही लोक गायिका का नाम शामिल कर दिया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चैनल के डिजिटल बुलेटिन में किसी हॉस्टल में हुए सेक्स रैकेट और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई छापेमारी से संबंधित एक रिपोर्ट चलाई गई थी। आरोप है कि इस संवेदनशील और आपराधिक खबर में नेहा सिंह राठौर के नाम का उल्लेख कर दिया गया, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि वे इस घटना से जुड़ी हुई हैं।

जैसे ही यह खबर प्रसारित हुई, सोशल मीडिया पर लोग इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाने लगे। नेहा सिंह राठौर का तर्क था कि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि, तथ्य या जांच के एक प्रतिष्ठित लोक गायिका का नाम इतने गंभीर मामले में घसीटना महज एक तकनीकी चूक नहीं है, बल्कि यह जानबूझकर चरित्र हनन करने की एक सोची-समझी कोशिश है। इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने भी चैनल की कार्यशैली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

विवाद बढ़ता देख ABP न्यूज़ ने जारी किया स्पष्टीकरण और मांगी माफी

लोक गायिका द्वारा उठाए गए कड़े कदमों और सोशल मीडिया पर आम जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए ABP न्यूज़ बैकफुट पर आ गया। शाम करीब 3:50 बजे समाचार चैनल ने अपने आधिकारिक एक्स प्लेटफॉर्म पर एक लिखित स्पष्टीकरण पोस्ट किया।

चैनल ने अपने आधिकारिक बयान में स्वीकार किया कि उनके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नेहा सिंह राठौर से जुड़ी जो खबर प्रसारित की गई थी, वह तथ्यों की कसौटी पर गलत साबित हुई है। ABP न्यूज़ ने लिखा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित खबर तथ्यात्मक रूप से त्रुटिपूर्ण थी। इस गलती के लिए संस्थान को गहरा खेद है और वे नेहा सिंह राठौर तथा अपने दर्शकों से क्षमा याचना करते हैं। चैनल द्वारा माफीनामे का पोस्ट आते ही यह स्पष्ट हो गया कि खबर पूरी तरह से भ्रामक और असत्य थी।

माफी से बात नहीं बनेगी, गरिमा के हनन पर कोर्ट में मिलेंगे: राठौर

ABP न्यूज़ द्वारा जारी किए गए माफीनामे के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि विवाद शायद यहीं थम जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शाम करीब 5:45 बजे नेहा सिंह राठौर ने तीसरा पोस्ट किया और स्पष्ट कर दिया कि महज एक ट्वीट के जरिए माफी मांग लेने से उनकी प्रतिष्ठा को पहुंचे नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती।

अपने तीसरे पोस्ट में उन्होंने बेहद सख्त लहजे में लिखा कि सोशल मीडिया पर जो अफवाहें फैलाई जा चुकी हैं, क्या वे सिर्फ एक माफीनामे से खत्म हो जाएंगी? उन्होंने यह गंभीर मुद्दा भी उठाया कि आज वह एक सशक्त पहचान रखती हैं इसलिए विरोध दर्ज करा पा रही हैं, लेकिन अगर किसी ऐसी साधारण महिला या बेटी के साथ यह होता जो अपनी आवाज नहीं उठा सकती, तो वह शायद दबाव में आकर खुदकुशी जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो जाती। राठौर ने जोर देकर कहा कि मीडिया की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत से उनकी गरिमा और मान-सम्मान को जो गहरा आघात पहुंचा है, उसकी भरपाई माफी से संभव नहीं है। उन्होंने ऐलान किया कि अब इस मामले का फैसला अदालत के कटघरे में ही होगा।

मीडिया नैतिकता, जिम्मेदारी और डिजिटल दौर की पत्रकारिता पर उठे सवाल

17 अक्टूबर को दिन भर चले इस घटनाक्रम ने भारतीय मीडिया जगत के सामने एक बार फिर से पत्रकारिता के सिद्धांतों और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिजिटल स्पेस में सबसे पहले खबर देने की होड़ में किस तरह बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी व्यक्ति का चरित्र हनन कर दिया जाता है, यह घटना उसकी एक बानगी बनकर सामने आई है।

सोशल मीडिया पर इस पूरे प्रकरण को लेकर दोतरफा बहस छिड़ गई है। डिजिटल मीडिया के विश्लेषकों का मानना है कि व्यूज और टीआरपी की अंधी दौड़ में पत्रकारिता के बुनियादी मानकों जैसे - फैक्ट चेकिंग, निष्पक्षता और पीड़ित पक्ष का रुख जानना - को दरकिनार किया जा रहा है। किसी महिला लोक कलाकार का नाम बिना सबूत के किसी आपराधिक या अनैतिक गतिविधियों से जोड़ देना न केवल कानूनी रूप से मानहानि का मामला बनता है, बल्कि यह किसी व्यक्ति के सालों के परिश्रम से कमाए गए सम्मान को पल भर में नष्ट कर सकता है।

सोशल मीडिया पर व्यापक जनसमर्थन और कानूनी राह की ओर कदम

नेहा सिंह राठौर के तीनों पोस्ट्स और उस पर आए चैनल के स्पष्टीकरण वाले ट्वीट पर लाखों व्यूज और हजारों की संख्या में प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। इंटरनेट पर आम यूज़र्स, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोक गायिका का समर्थन किया। बहुसंख्यक यूज़र्स ने मीडिया संस्थानों की जल्दबाजी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की और नेहा सिंह राठौर को सलाह दी कि वे इस मामले में सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाएं ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति के साथ ऐसी घटना न दोहराई जाए।

दूसरी ओर, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नेहा सिंह राठौर अदालत का रुख करती हैं, तो यह मामला भारतीय न्याय संहिता के तहत मानहानि और आईटी अधिनियम के उल्लंघन का एक बड़ा नजीर बन सकता है। चैनल द्वारा सार्वजनिक रूप से गलती स्वीकार करना और माफी मांगना अदालत में राठौर के पक्ष को और अधिक मजबूती प्रदान कर सकता है। फिलहाल नेहा सिंह राठौर के रुख से साफ है कि वे इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि यह मामला अदालत में क्या मोड़ लेता है।

A K

Founding Editor

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने