राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गैंगवार और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच की एनडीआर टीम ने टिल्लू ताजपुरिया गैंग के एक सक्रिय और फरार सहयोगी अर्जुन पंडित उर्फ प्रमोद को हरियाणा के सोनीपत से धर दबोचा है। आरोपी अर्जुन पंडित कराला इलाके में हुई हरीश माथुर की सनसनीखेज हत्या के मामले में वांछित था। हरीश माथुर का संबंध विरोधी गोगी-दिनेश कराला गैंग से था। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने गैंगवार से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ने में कामयाबी हासिल की है।


PUBG से शुरू हुआ आपराधिक नेटवर्क का सफर
जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड और अपराध की दुनिया में प्रवेश के पीछे एक अजीबोगरीब जरिया ऑनलाइन गेमिंग रहा। आरोपी अर्जुन पंडित अपने ममेरे भाई के जरिए राहुल रंगा के संपर्क में आया था। राहुल रंगा की पहचान अर्जुन के भाई से मशहूर ऑनलाइन गेम PUBG खेलने के दौरान हुई थी। राहुल रंगा ने अर्जुन को रातों-रात अमीर बनने और कम समय में मोटा पैसा कमाने का लालच दिया। इसी लालच में आकर अर्जुन टिल्लू ताजपुरिया गैंग के नेटवर्क से जुड़ गया और उनके निर्देशों पर काम करने लगा।रोहिणी के होटल में रची गई थी पूरी साजिश
30 जुलाई 2026 की यह घटना पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई थी। वारदात के दिन अर्जुन, राहुल रंगा और साहिल उर्फ विशाल रोहिणी स्थित एक होटल में इकट्ठा हुए थे। वहाँ तीनों ने शराब पी और एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से टिल्लू ताजपुरिया गैंग के आकाओं से मिले निर्देशों के आधार पर हरीश माथुर को ठिकाने लगाने का प्लान तैयार किया। साजिश रचने के बाद अर्जुन मोटरसाइकिल चला रहा था, जबकि राहुल रंगा और साहिल पीछे बैठे थे। तीनों ने कराला स्थित हरीश माथुर के दफ्तर की रेकी की और जैसे ही हरीश अपने घर के लिए निकला, मोटरसाइकिल से उसका पीछा शुरू कर दिया।बीच सड़क पर गोलियों से भूनकर हुए थे फरार
जैसे ही हरीश माथुर रास्ते में सुनसान जगह पर पहुँचा, बाइक चला रहे अर्जुन ने मोटरसाइकिल उसके बिल्कुल करीब लाकर रोक दी। पीछे बैठे राहुल रंगा और साहिल उर्फ विशाल ने हरीश पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या की इस वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। राहुल और साहिल ने अर्जुन को सोनीपत ले जाकर छोड़ दिया और उसे कुछ दिनों तक छिपे रहने की हिदायत दी। इसके बाद दोनों साथियों ने वादा किया था कि वे अगले टास्क के लिए उससे संपर्क करेंगे, लेकिन पुलिस की तत्परता के चलते राहुल रंगा और साहिल उर्फ विशाल को रोहिणी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने 2 अगस्त 2026 को ही गिरफ्तार कर लिया था।ठिकाने बदलकर भाग रहा था आरोपी
अपने दो साथियों की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही अर्जुन पंडित लगातार पुलिस को चकमा देने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा था। वह हरियाणा और आसपास के इलाकों में पहचान छुपाकर रह रहा था। हालांकि, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की विशेष टीम लगातार उसके मूवमेंट पर नज़र बनाए हुए थी। गुप्त सूचनाओं और लोकल इनपुट के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने 22 अगस्त 2026 को हरियाणा के सोनीपत स्थित राई इलाके में छापेमारी कर उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।कौन है अर्जुन पंडित और क्या था हत्या का मकसद
36 वर्षीय आरोपी अर्जुन पंडित मूल रूप से सोनीपत, हरियाणा का रहने वाला है। वह सोनीपत के सरकारी स्कूल से आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और घर चलाने के लिए प्राइवेट नौकरी के तहत पानी की बोतल सप्लाई करने वाली गाड़ी चलाता था। उसका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं दर्ज था। शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस खूनी वारदात का मुख्य मकसद विरोधी गोगी-दिनेश कराला गैंग के प्रभाव को कम करना और टिल्लू ताजपुरिया गैंग में अपनी पैठ बनाकर आर्थिक फायदा हासिल करना था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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