Nepal Rasuwa Flash Flood: भोटेकोशी में आई तबाही, चीन सीमा से दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल

नेपाल-चीन सीमा पर बसे रसुवा जिले से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। बुधवार की सुबह भोटेकोशी नदी में आई अचानक और भीषण फ्लैश फ्लड ने सीमावर्ती इलाकों में भयानक तबाही मचाई है। इस कुदरती आफत का एक खौफनाक CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रसुवागढ़ी बॉर्डर क्रॉसिंग के चीनी पक्ष पर स्थित इमिग्रेशन ऑफिस से पानी और मलबे की विशाल दीवार किस तरह टकराती है। ऑफिस के अंदर मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास भागते दिखते हैं, लेकिन पलक झपकत ही बाढ़ का तेज बहाव पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लेता है।

Nepal Rasuwa Flash Flood: भोटेकोशी में आई तबाही, चीन सीमा से दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल
Image Source: Social Media

यह प्रभावित इमिग्रेशन और कस्टम ऑफिस भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा का एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसके अलावा यह नेपाल और चीन के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार के लिए भी मुख्य ट्रांजिट प्वाइंट है।

स्थानिक समय के अनुसार सुबह करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच तिब्बत (चीन) की ओर से भोटेकोशी नदी में जलस्तर अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते यह उफान भीषण तबाही में बदल गया। बाढ़ की इस चपेट में रसुवा जिले के टिमुरे, स्याप्रुबेसी और रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कुदरत का कहर इतना भयानक था कि रसुवागढ़ी में स्थित 'फ्रेंडशिप ब्रिज', जिसे पिछले साल आई बाढ़ के बाद नए सिरे से तैयार किया गया था, वह भी इस जलप्रलय में ताश के पत्तों की तरह बह गया।

तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टिमुरे बाजार, कस्टम परिसर, कई पुलिस चौकियां, दर्जनों घर, खड़े वाहन और निर्माणाधीन स्थल पूरी तरह पानी में विलीन हो गए हैं। इस विनाशकारी बाढ़ ने क्षेत्र के कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे नेपाल के बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।

शुरुआती रिपोर्ट्स में कम से कम 8 से 17 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है, जबकि लापता लोगों का आंकड़ा बेहद चिंताजनक है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार करीब 384 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 105 भारतीय पर्यटक शामिल हैं जो मानसरोवर यात्रा मार्ग पर थे। इसके अलावा सुरक्षा बलों के दर्जनों जवानों से भी संपर्क टूट चुका है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सेना, पुलिस और नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को मौके पर तैनात किया गया है, जबकि दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। आपदा की स्थिति को देखते हुए रसुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत कई निचले जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

बाढ़ के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है। हालांकि शुरुआती वैज्ञानिक अनुमानों के अनुसार तिब्बत की ओर हुए किसी हिमस्खलन, भूकंपीय हलचल या ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट (GLOF) के कारण नदी में यह अचानक पानी का सैलाब आया हो सकता है। चीन की सीमा के अंदर से भी बुनियादी ढांचे के नुकसान और लोगों के लापता होने की खबरें आ रही हैं। फिलहाल पूरे इलाके में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन लगातार बदल रहे मौसम और मलबे के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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