फतेहपुर के मलवां में बड़ा हादसा: सिलेंडर फटने से दो मंजिला मकान ढहा, 4 की दर्दनाक मौत और कई घायल

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मलवां कस्बे से एक बेहद दर्दनाक और भयावह हादसे की खबर सामने आई है। सोमवार सुबह मलवां कस्बे के एक दो मंजिला मकान में अचानक जोरदार सिलेंडर धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि देखते ही देखते पूरा दो मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया और मलबे में कई लोग दब गए। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि गंभीर रूप से झुलसे और घायल हुए लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।

Fatehpur Malwan Cylinder Blast: मलवां में सिलेंडर फटने से दो मंजिला मकान गिरा, 4 की मौत, कई घायल

पीआरवी कॉल से मिली हादसे की सूचना और मौके पर पहुंची पुलिस

यह पूरा हादसा दिनांक 28 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 05:30 बजे के आसपास का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 पीआरवी (PRV) को फोन करके सूचना दी कि मलवां कस्बे में एक रसोई गैस सिलेंडर फट गया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सिलेंडर ब्लास्ट के कारण मकान पूरी तरह गिर चुका है और उसके मलबे के नीचे कई लोग दबे हुए हैं तथा घायलों को तत्काल मदद की आवश्यकता है।

सूचना मिलते ही पास में मौजूद लोकल पीआरवी गश्ती टीम और स्थानीय थाने की भारी पुलिस फोर्स बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंची। चूंकि हादसा सुबह के वक्त हुआ था और उजाला हो चुका था, इसलिए पुलिस कर्मियों ने तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।

मलबे से निकाले गए 7 लोग, 4 की मौत और 1 की हालत बेहद नाजुक

घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य चलाते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती कार्रवाई के दौरान मलबे से कुल 7 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से 4 लोगों की दुखद मृत्यु की पुष्टि अधिकारियों द्वारा की गई है। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

वहीं हादसे में झुलसे 3 अन्य लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में से एक व्यक्ति की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है, जो 90 प्रतिशत से अधिक जल चुका है और वर्तमान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने का हर संभव प्रयास कर रही है। इसके अलावा, मलबे से सुरक्षित निकाली गई एक महिला और एक पुरुष को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फॉरेंसिक जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और जिलाधिकारी (DM) मैडम ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने जब प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास के लोगों से पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से सिलेंडर फटते हुए देखा था और उसके तुरंत बाद एक जोरदार धमाके के साथ पूरी इमारत गिर गई।

हालांकि, ब्लास्ट के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम और फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर तैनात किया गया है। विशेषज्ञ टीमें घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा सिर्फ सिलेंडर लीकेज से हुआ या इसके पीछे कोई और तकनीकी कारण था। इस भीषण धमाके के प्रभाव से आसपास के कुछ मकानों की बीम और दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है, लेकिन गनीमत यह रही कि पड़ोस के घरों में कोई हताहत नहीं हुआ है।

एसडीआरएफ बुलाई गई और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मामले की संवेदनशीलता और मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी तुरंत बुला लिया गया है। एसडीआरएफ की टीम मौके पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई है।

प्रशासन ने रात के समय राहत कार्य में कोई रुकावट न आए, इसके लिए बिजली विभाग से संपर्क कर क्षेत्र में हैलोजन और बड़ी-बड़ी लाइट्स की व्यवस्था कराई है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि रात भर मलबे को हटाने और सफाई की प्रक्रिया लगातार जारी रखी जाएगी ताकि यदि कोई और व्यक्ति मलबे में दबा हो तो उसे समय रहते बाहर निकालकर चिकित्सीय सहायता दी जा सके।

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