फगवाड़ा LPU में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: पुलिस का लाठीचार्ज, कई हिरासत में

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर और उसके आसपास का क्षेत्र हाल ही में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुए घटनाक्रमों के कारण चर्चा में रहा। सोशल मीडिया पर सामने आए दृश्यों और खबरों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पथराव देखने को मिला, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों, जिनमें एडीजीपी फैयाज फारुकी और जालंधर पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह शामिल हैं, ने स्थिति को लेकर आधिकारिक रुख स्पष्ट किया है।

फगवाड़ा LPU में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: पुलिस का लाठीचार्ज, कई हिरासत में

परिसर में उपद्रव और पुलिस की कार्रवाई

घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब छात्र अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर के बाहर एकत्र हुए। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया, जिसके बाद भीड़ द्वारा पुलिस टीम पर पथराव करने और वाहनों में आगजनी की खबरें आईं। सड़क पर वाहनों के क्षतिग्रस्त होने और मुख्य मार्ग के बाधित होने से काफी समय तक यातायात प्रभावित रहा।

स्थिति को अनियंत्रित होता देख मौके पर तैनात पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज किया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया गया।

5 युवक हिरासत में, दातार और वाकी-टाकी सेट बरामद

उपद्रव और प्रदर्शन के बीच पुलिस और सुरक्षा बलों की सतर्कता से बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले पर जानकारी देते हुए 27वीं बटालियन की कमांडेंट गुरमीत कौर ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने पांच युवकों को हिरासत में लिया है।

कमांडेंट गुरमीत कौर के अनुसार, पकड़े गए युवकों के पास से एक धारदार हथियार 'दातार' (हंसिया जैसा धारदार हथियार) और एक वाकी-टाकी सेट बरामद किया गया है। पुलिस फिलहाल इन सभी से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि प्रदर्शन के दौरान उनका क्या उद्देश्य था और यह हथियार वहां कैसे पहुंचे। मामले की जांच अभी जारी है।

एडीजीपी फैयाज फारुकी ने कहा- स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एडीजीपी फैयाज फारुकी ने परिसर का जायजा लेने के बाद स्थिति पर जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन का पूरा ध्यान विश्वविद्यालय परिसर और वहां रह रहे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।

एडीजीपी फारुकी ने बताया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच किसी भी प्रकार के भय या घबराहट के माहौल को बनने से रोकना है। उन्होंने दूर-दराज से आए छात्रों के परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि कैंपस पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी अभिभावक को चिंता करने या घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

हॉस्टल में अव्यवस्था की खबरों पर पुलिस आयुक्त का स्पष्टीकरण

इससे पूर्व जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह ने स्थिति की जानकारी साझा करते हुए कहा था कि हॉस्टलों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनहोनी की खबरें निराधार और अफवाह मात्र थीं। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय के सभी हॉस्टलों की जांच की गई है और वहां स्थिति पूरी तरह से सामान्य पाई गई है।

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, सड़कों पर यातायात अब पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि छात्रों के मुद्दों को संवाद और बातचीत के माध्यम से हल करने का प्रयास किया जा रहा है और परिसर का समग्र माहौल अब सामान्य है।

परिजनों के लिए राहत भरा संदेश

विश्वविद्यालय में देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों से छात्र पढ़ाई करने आते हैं, जिसके चलते घटना के बाद अभिभावकों में स्वाभाविक चिंता देखी गई। पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने एक सुर में अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर तैर रही किसी भी अप्रमाणिक खबर या अफवाह पर ध्यान न दें।

प्रशासन ने दोहराया है कि सभी छात्र परिसर में पूरी तरह से सुरक्षित हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है और बाकी बचे छोटे-मोटे मुद्दों का भी बातचीत के जरिए जल्द ही समाधान कर लिया जाएगा।

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