सुप्रीम कोर्ट की 13 अक्टूबर की कॉज लिस्ट से राहुल गांधी की याचिका गायब, चीफ जस्टिस की बेंच इन मामलों पर करेगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में 13 अक्टूबर की सुनवाई को लेकर देर रात जारी हुई सप्लीमेंट्री कॉज लिस्ट ने देश के राजनीतिक और कानूनी गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। देर रात लगभग 11:25 बजे शीर्ष अदालत द्वारा जारी इस नई सूची में कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी की याचिका शामिल नहीं है।

Rahul Gandhi Petition SC: सुप्रीम कोर्ट की 13 अक्टूबर की सप्लीमेंट्री कॉज लिस्ट से क्यों गायब हुई राहुल गांधी की याचिका?

राहुल गांधी की याचिका का कॉज लिस्ट में जगह न बना पाना ऐसे समय में काफी अहम माना जा रहा है, जब देश की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों और जनहित याचिकाओं पर टिकी हुई हैं। कानूनी जानकारों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि इस याचिका के लिस्ट न होने के पीछे क्या तकनीकी कारण रहे या फिर कोर्ट द्वारा इसे अगली तारीख के लिए टाला गया है।

मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध महत्वपूर्ण मामले

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं, 13 अक्टूबर को कई हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामलों पर सुनवाई करने जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट की इस विशेष पीठ के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध प्रमुख मामलों और याचिकाकर्ताओं की जानकारी इस प्रकार है:

सीपीएम नेता एमए बेबी की जनहित याचिका और अवमानना याचिका

अदालत के समक्ष सबसे प्रमुख मामलों में से एक माकपा (CPI-M) नेता एमए बेबी द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) है। इस याचिका के साथ शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा गोविंद मोहन के खिलाफ दायर अवमानना याचिका को भी टैग किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रख्यात शिक्षाविद और एक्टिविस्ट अपूर्वानंद की याचिका पर भी इसी पीठ के समक्ष सुनवाई होनी है।

अन्य प्रमुख जनहित याचिकाएं और याचिकाकर्ता

मुख्य न्यायाधीश की पीठ के सामने कई अन्य जाने-माने चेहरों और संस्थाओं की याचिकाएं भी लिस्ट की गई हैं:
  • सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी की याचिका
  • राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज कुमार झा द्वारा दायर याचिका
  • एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की चुनावी सुधार और पारदर्शिता से जुड़ी याचिका
  • सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की ओर से प्रस्तुत मामला
  • सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) की याचिका
  • यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा जनहित में दाखिल याचिका
इनके अलावा, कई व्यक्तिगत याचिकाकर्ताओं के मामलों को भी सुनवाई की सूची में जगह मिली है। इनमें प्रिया मिश्रा, समृद्धि दास (जिन्होंने अंतरिम रोक यानी ex-parte stay की मांग की है), भानु सनोरिया, मुकेश कुमार पांडे, अमन प्रसाद और आनंद कुमार पांडे की याचिकाएं शामिल हैं।

राहुल गांधी की याचिका लिस्ट न होने के कानूनी और राजनीतिक मायने

बार एंड बेंच (Bar and Bench) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देर रात जारी हुई इस सप्लीमेंट्री सूची में राहुल गांधी की अर्जी का न होना चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर सुप्रीम कोर्ट में मामलों को सूचीबद्ध करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। रजिस्ट्री में कागजी कार्रवाई की जांच, खामियों को दूर करने की प्रक्रिया या फिर मामलों की प्राथमिकता के आधार पर कॉज लिस्ट तैयार की जाती है।

राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो शीर्ष अदालत में होने वाली हर सुनवाई पर विपक्षी दलों और सत्ता पक्ष दोनों की पैनी नजर रहती है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की मुख्य पीठ द्वारा 13 अक्टूबर को सुने जाने वाले अन्य राजनीतिक और सामाजिक मामले देश की राजनीति और न्याय व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राहुल गांधी की याचिका को आगामी दिनों की रेगुलर या सप्लीमेंट्री लिस्ट में कब स्थान मिलता है।

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