ईरान ने अमेरिका को भेजे गए नए शांति प्रस्ताव में युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई, अमेरिकी सैनिकों की क्षेत्र से वापसी और आर्थिक प्रतिबंध हटाने जैसी कई बड़ी मांगें रखी हैं। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है और हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव तेज हुआ है।
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी के अनुसार, तेहरान ने प्रस्ताव में युद्ध क्षति के लिए मुआवजा, जमे हुए ईरानी फंड जारी करने, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने और भविष्य में हमले न होने की गारंटी की मांग की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के पुराने प्रस्ताव को “garbage” बताते हुए खारिज कर दिया था। हालांकि अब ट्रंप ने कहा है कि समझौते की “अच्छी संभावना” बनी हुई है और प्रस्ताव पर बातचीत जारी है।
ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि किसी स्थायी समझौते से पहले सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त होना चाहिए। तेहरान ने खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से जुड़े मुद्दों और अपनी संप्रभुता को अहम बताया है।
जानकारों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हुआ तो क्षेत्र में नया बड़ा संघर्ष शुरू हो सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के पुराने प्रस्ताव को “garbage” बताते हुए खारिज कर दिया था। हालांकि अब ट्रंप ने कहा है कि समझौते की “अच्छी संभावना” बनी हुई है और प्रस्ताव पर बातचीत जारी है।
ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि किसी स्थायी समझौते से पहले सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त होना चाहिए। तेहरान ने खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से जुड़े मुद्दों और अपनी संप्रभुता को अहम बताया है।
जानकारों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हुआ तो क्षेत्र में नया बड़ा संघर्ष शुरू हो सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ेगा।
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