उत्तर प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1 किलो से अधिक हेरोइन और स्मैक के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हाथरस पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) आगरा की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक बेहद सटीक और रणनीतिक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने क्षेत्र में सक्रिय अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले चार शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तस्करों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हेरोइन, स्मैक और तस्करी में इस्तेमाल किया जाने वाला एक चार पहिया वाहन भी जब्त किया है।

हाथरस पुलिस और ANTF का बड़ा ऑपरेशन: 4 नशा तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में हेरोइन और स्मैक बरामद

पकड़े गए अभियुक्त लंबे समय से धार्मिक नगरी वृंदावन और उसके आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में नशे का जाल फैला रहे थे। पुलिस और एएनटीएफ की इस बड़ी सफलता से क्षेत्र में मादक पदार्थों का अवैध कारोबार करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है।

संयुक्त ऑपरेशन में 1 किलो से अधिक हेरोइन और स्मैक बरामद

हाथरस पुलिस और एएनटीएफ आगरा यूनिट की इस साझा कार्रवाई के दौरान तस्करों के पास से कुल 1.024 किलोग्राम अवैध हेरोइन बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हेरोइन की कीमत काफी अधिक आंकी जा रही है। इसके साथ ही तलाशी के दौरान तस्करों के पास से 98 ग्राम अवैध स्मैक भी बरामद हुई है।

तस्करी के लिए उपयोग किए जाने वाले एक चार पहिया वाहन को भी पुलिस ने तुरंत प्रभाव से कब्जे में ले लिया है। इस वाहन का उपयोग मादक पदार्थों की सुरक्षित आवाजाही और माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस की इस मुस्तैदी ने मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप को बाजार में पहुंचने से पहले ही रोक दिया है।

वृंदावन और आसपास के इलाकों में फैला रखा था नेटवर्क

पुलिस की शुरुआती पूछताछ और जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए सभी चारों अभियुक्त आपस में बिजनेस पार्टनर की तरह मिलकर काम करते थे। इनका पूरा ध्यान धार्मिक नगरी वृंदावन और उससे सटे इलाकों पर केंद्रित था। ये तस्कर बड़े पैमाने पर लाई गई हेरोइन और स्मैक की छोटी-छोटी पुड़िया तैयार करते थे।

इन छोटी पुड़ियों को वे स्थानीय ग्राहकों और युवाओं को फुटकर में बहुत ही महंगे दामों पर बेचते थे। युवाओं को नशे की लत में धकेल कर उनसे भारी मात्रा में मोटी रकम ऐंठना इनका मुख्य मकसद था। छोटी पुड़ियों में माल बेचने की वजह से इन पर आसानी से किसी को शक भी नहीं होता था, लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इनके इस नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया।

मुनाफे के बंटवारे का अनूठा तरीका और पुलिस की सख्त कार्रवाई

पूछताछ में यह बात भी साफ हुई है कि अवैध मादक पदार्थों की बिक्री से जो भी मोटा मुनाफा हासिल होता था, उसे चारों अभियुक्त आपस में बराबर या तय हिस्सेदारी के हिसाब से बांट लेते थे। एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे ये तस्कर काफी समय से पुलिस की नजरों से बचकर अपना नेटवर्क चला रहे थे।

फिलहाल हाथरस पुलिस और ANTF की टीम गिरफ्तार किए गए चारों तस्करों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इन तस्करों को हेरोइन और स्मैक की इतनी बड़ी खेप कहां से सप्लाई की जा रही थी। इसके अलावा इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य स्थानीय तस्करों और खरीदारों का भी पता लगाया जा रहा है, ताकि क्षेत्र को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाया जा सके।

A K

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