असम और मेघालय सरकार की हाई-लेवल मीटिंग: शिलांग हिंसा पर बड़ा एक्शन, KSU नेता गिरफ्तार और SIT गठित

मेघालय की राजधानी शिलांग में 19 अगस्त 2026 को हुई दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा और उपद्रव के बाद असम और मेघालय की सरकारों ने स्थिति को नियंत्रित करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाथ मिला लिया है। इस घटना के बाद पैदा हुए तनाव को दूर करने के लिए 22 अगस्त 2026 को कोइनाधरा स्टेट गेस्ट हाउस में दोनों राज्यों के शीर्ष मंत्रियों और अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य असम के वाहनों पर हुए हमलों, पर्यटकों की सुरक्षा और अंतर-राज्यीय सीमा पर उत्पन्न चुनौतियों का स्थायी समाधान निकालना था।

Assam Meghalaya Tension: शिलांग हिंसा पर असम-मेघालय बैठक, KSU नेता गिरफ्तार, देखें हेल्पलाइन नंबर

तीन घंटे से अधिक समय तक चली इस विस्तृत बातचीत में मेघालय के उप-मुख्यमंत्री डॉ. एस. धर और असम सरकार के मंत्री श्री अतुल बोरा के साथ दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मेघालय सरकार ने 19 अगस्त की हिंसा पर गहरा दुख व्यक्त किया और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के शीर्ष नेताओं पर कार्रवाई और SIT का गठन

शिलांग हिंसा के सिलसिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। मेघालय सरकार ने बैठक में जानकारी दी कि खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव को 'मेघालय मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर एक्ट' के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में अब तक 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। असम के वाहनों पर हमले करने में शामिल पांच नकाबपोश पहचानकर्ताओं की पुष्टि हो चुकी है।

घटना की गहराई से जांच करने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। यह SIT शिलांग में हुई हिंसा, खासकर असम-रजिस्टर्ड गाड़ियों पर हुए हमलों की बारीकी से जांच करेगी और कानून के तहत त्वरित अभियोजन सुनिश्चित करेगी।

फंसे हुए यात्रियों का रेस्क्यू और वाहनों का सुरक्षित निकास

हिंसा के बाद मेघालय में फंसे असम के नागरिकों और पर्यटकों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान चलाया गया है। अब तक 3,770 से अधिक असम-रजिस्टर्ड वाहनों को पुलिस एस्कॉर्ट के साथ मेघालय से सुरक्षित असम की ओर भेजा जा चुका है। इसके अलावा मेघालय में पहले रुके हुए लगभग 400 से 500 वाहनों ने उमियम लेक सेक्शन जैसे मुख्य ट्रांजिट गलियारों को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।

असम कंट्रोल रूम को अब तक 175 लोगों से संबंधित 54 डिस्ट्रेस कॉल मिले हैं, जिन्हें सुरक्षित निकाला जा रहा है। इनमें 22 निजी वाहन और 5 टूरिस्ट गाड़ियां शामिल हैं। वहीं मेघालय कंट्रोल रूम को भी मदद के लिए 379 कॉल मिले थे, जिन पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सहायता पहुंचाई गई है।

अगले 48 घंटों में निकासी अभियान पूरा करने का लक्ष्य

दोनों राज्य सरकारों ने यह संकल्प व्यक्त किया है कि अगले 48 घंटों के भीतर किसी भी फंसे हुए यात्री या वाहन को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया जाएगा। जो भी पर्यटक या नागरिक असम वापस लौटना चाहते हैं, उन्हें एस्कॉर्ट सुरक्षा दी जा रही है।

इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्पेशल ब्रांच असम के आईजी और लॉ एंड ऑर्डर मेघालय के आईजी के बीच एक समर्पित समन्वय तंत्र (Co-ordination Mechanism) स्थापित किया गया है। जब तक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती, तब तक यह व्यवस्था क्रियाशील रहेगी।

आपातकालीन सहायता के लिए हॉटलाइन और हेल्पलाइन नंबर

फंसे हुए लोगों का पता लगाने और उनकी तुरंत सहायता करने के लिए ऑनलाइन सपोर्ट फोरम और हॉटलाइन नंबर जारी किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
  • व्हाट्सएप नंबर (WhatsApp): +91 810 14 888
  • लैंडलाइन नंबर (Landline): 0361-2381-511
यह नंबर तब तक सक्रिय रहेंगे जब तक क्षेत्र में पूरी तरह शांति बहाल नहीं हो जाती।

सीमा प्रबंधन और पर्यटन सुरक्षा के लिए स्थायी संयुक्त समितियां

भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और अंतर-राज्यीय समस्याओं का तुरंत समाधान करने के लिए दो प्रमुख स्थायी समितियों के गठन का निर्णय लिया गया है। पहली, जिला स्तरीय संयुक्त समिति होगी जिसमें डिप्टी कमिश्नर नोंगपोह और डिप्टी कमिश्नर कामरूप मेट्रोपॉलिटन के साथ दोनों जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल रहेंगे। यह समिति सीमा से जुड़े रोजमर्रा के मुद्दों को सुलझाएगी।

दूसरी, टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट पर संयुक्त समिति होगी। इसमें दोनों राज्यों के परिवहन आयुक्त या सचिव स्तर के अधिकारी और टूरिस्ट व्हीकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति पर्यटन वाहनों की आवाजाही को नियमित करेगी और असम व मेघालय के साझा पर्यटन हितों की रक्षा करेगी।

सुरक्षित परिवहन और पर्यटकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी

असम के दक्षिणी भागों जैसे बराक वैली से मेघालय होकर असम के अन्य हिस्सों में जाने वाले वाहनों के साथ-साथ असम के रास्ते मेघालय जाने वाले यात्रियों के लिए दोनों सरकारों ने पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए हैं। मेघालय सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी हिस्से से मेघालय आने वाले सभी पर्यटकों और उनके वाहनों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

A K

Founding Editor

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने