उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) का परिसर एक बार फिर तनाव की स्थिति में है। परिसर में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और पुलिस प्रशासन के बीच का टकराव अब सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है। विश्वविद्यालय पुलिस चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर अविरल मिश्रा का एक वीडियो तेजी से देखा जा रहा है, जिसमें वे प्रदर्शनकारी छात्रों को चेतावनी देते दिख रहे हैं। इस वाक्य ने परिसर का माहौल और अधिक गरमा दिया है।

आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में तीन छात्रों का निलंबन वापस लेना, छात्र हितों से जुड़ी समस्याओं का तुरंत निस्तारण और परिसर में प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। छात्रों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन संवाद करने की जगह पुलिसिया दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि उग्र छात्रों ने असिस्टेंट प्रॉक्टर को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। माहौल बिगड़ता देख मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने बीच-बचाव किया और प्रॉक्टर को सुरक्षा घेरे में लेकर बाहर निकाला। इसी दौरान छात्रों और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। कई यूजर्स और छात्र संगठनों ने पुलिस अधिकारी के इस रवैये और शब्दों के चयन पर आपत्ति जताई है।
पुलिस का दावा है कि उनकी प्राथमिकता असिस्टेंट प्रॉक्टर की सुरक्षा सुनिश्चित करना और विश्वविद्यालय परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को कड़ा रुख अपनाना पड़ा। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज व वायरल वीडियो के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।

25 अगस्त से धरना, आज अनशन का 5वां दिन
विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 25 अगस्त को हुई थी, जब छात्रों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर धरना शुरू किया था। प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर छात्रों ने 5 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी, जिसका आज 5वां दिन है।आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में तीन छात्रों का निलंबन वापस लेना, छात्र हितों से जुड़ी समस्याओं का तुरंत निस्तारण और परिसर में प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। छात्रों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन संवाद करने की जगह पुलिसिया दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
प्रॉक्टर के पहुंचने पर बढ़ा विवाद
तनाव की मुख्य वजह 8 सितंबर को उस समय बनी जब असिस्टेंट प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय अनशन स्थल पर छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।#Gorakhpur | गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन के बीच नया विवाद!
— Nation27 (@Nation27Digital) September 9, 2026
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों के आंदोलन के बीच प्रॉक्टर से नोकझोंक के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
छात्रों ने मांगों पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए दोबारा अनशन शुरू कर दिया।
इसी… pic.twitter.com/3fg94Nc1UW
विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि उग्र छात्रों ने असिस्टेंट प्रॉक्टर को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। माहौल बिगड़ता देख मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने बीच-बचाव किया और प्रॉक्टर को सुरक्षा घेरे में लेकर बाहर निकाला। इसी दौरान छात्रों और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
सब-इंस्पेक्टर अविरल मिश्रा का वीडियो वायरल
इसी हंगामे के बीच विश्वविद्यालय पुलिस चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर अविरल मिश्रा का आपा खोने का वीडियो सामने आया। रिकॉर्ड किए गए वीडियो में सब-इंस्पेक्टर अविरल मिश्रा छात्रों को चेतावनी देते हुए कह रहे हैं, “इतनी फोर्स मंगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा... बता दे रहा हूं, ये गोरखपुर पुलिस है।”घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। कई यूजर्स और छात्र संगठनों ने पुलिस अधिकारी के इस रवैये और शब्दों के चयन पर आपत्ति जताई है।
पुलिस का आधिकारिक स्पष्टीकरण
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से बयान जारी किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वार्ता के दौरान कुछ छात्र अचानक उग्र हो गए थे और स्थिति बिगड़ने लगी थी।दिनांक 08.09.2026 को गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में धरने पर बैठे निष्कासित छात्रों द्वारा प्रॉक्टर एवं अन्य सदस्यों से वार्ता की जा रही थी। इसी दौरान कुछ छात्रों द्वारा उग्र होकर प्रॉक्टर से अभद्रता, धक्का-मुक्की एवं मारपीट का प्रयास किया गया, जिस पर मौके पर तैनात पुलिस बल…
— Gorakhpur Police (@gorakhpurpolice) September 8, 2026
पुलिस का दावा है कि उनकी प्राथमिकता असिस्टेंट प्रॉक्टर की सुरक्षा सुनिश्चित करना और विश्वविद्यालय परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को कड़ा रुख अपनाना पड़ा। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज व वायरल वीडियो के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।
कैंपस में तनाव, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
अनशन के 5वें दिन इस वीडियो के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर दो राय देखने को मिल रही हैं। एक पक्ष का कहना है कि शिक्षकों के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जा सकती और पुलिस का कड़ा रुख सही था, जबकि दूसरा पक्ष 5 दिनों से भूखे बैठे छात्रों के साथ पुलिस के इस तरह के व्यवहार और बयानबाजी को अनुचित ठहरा रहा है।
Tags
उत्तर प्रदेश
ख़बर
गोरखपुर
यूपी
शिक्षा
DDU Gorakhpur
Gorakhpur News
Student Protest
UP Police
Uttar Pradesh
Viral Video