दिल्ली में नहीं टूटेंगी यमुना किनारे बसी कॉलोनियां और गांव: O-Zone विवाद पर BJP सांसदों का बड़ा आश्वासन

पिछले कुछ दिनों से यमुना किनारे बसी दिल्ली की कॉलोनियों और प्राचीन गांवों के निवासियों के बीच 'ओ-जोन' (O-Zone) को लेकर तनाव और डर का माहौल बना हुआ था। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर जनता को डरा रहा था। लेकिन अब दिल्ली के लाखों निवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है।

Map of "O" Zone - Flood Plain | Satellite Imagery 2019
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों मनोज तिवारी और रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली के प्रभावित निवासियों को आश्वस्त किया है कि भाजपा की केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और संगठन इस चिंता के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं। भाजपा किसी भी प्राचीन बसे गांव या पहले से नियमित (Authorized) हो चुकी कॉलोनी को टूटने नहीं देगी।

ओ-जोन (O-Zone) क्या है और क्यों बढ़ा था तनाव?

ओ-जोन (ऑक्सीजन जोन या रिवरफ्रंट रेग्युलेटरी जोन) के तहत यमुना के डूब क्षेत्र (Floodplain) और उसके आसपास के इलाकों में निर्माण कार्यों पर कड़ा प्रतिबंध होता है। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट के एक आदेश के बाद इन इलाकों में रहने वाले करीब 15 लाख लोगों के बीच अपनी संपत्तियों और आशियाने को लेकर डर पैदा हो गया था। विपक्ष इस स्थिति का फायदा उठाकर राजनीति कर रहा था और लोगों के बीच भ्रम फैला रहा था।

'ओ-जोन' कांग्रेस का पैदा किया जिन्न, 'आप' ने 10 साल कुछ नहीं किया: भाजपा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "ओ-जोन कांग्रेस का पैदा किया हुआ एक ऐसा जिन्न है, जिसे खत्म करने के लिए पिछले 11 सालों में अरविंद केजरीवाल सरकार ने कुछ भी नहीं किया।"

सांसद मनोज तिवारी ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "आज अगर विपक्ष इस ओ-जोन मुद्दे के तहत लोगों को डरा रहा है, तो वह सिर्फ आम आदमी पार्टी की पिछले 10 सालों की नाकामी का नतीजा है।" तिवारी ने याद दिलाया कि यह वर्तमान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार का ही फैसला है, जिसके बाद ओ-जोन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी बिजली के मीटर और वैध कनेक्शन मिलने शुरू हुए हैं। उन्होंने साफ किया कि जिन इलाकों में त्रुटिपूर्ण (गलत) तरीके से ओ-जोन लगा हुआ है, उसे हटाने और सुधारने की प्रक्रिया भाजपा सरकार शुरू कर चुकी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उच्चस्तरीय बैठक: तोड़फोड़ पर रोक

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ओ-जोन संकट को लेकर एक आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, प्रवीण खंडेलवाल, यमुनापार विकास बोर्ड के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली के साथ-साथ दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार और डीडीए के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इस बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो प्राचीन गांव और 92 कॉलोनियां वर्तमान में ओ-जोन के दायरे में आ रही हैं, उनकी पुरानी बसी हुई आबादी में किसी भी तरह की तोड़फोड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी। बिधूड़ी ने स्पष्ट किया कि दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश केवल 'नए निर्माण' को रोकने के लिए है, न कि पुरानी बस्तियों को उजाड़ने के लिए।

15 लाख लोगों को न्याय दिलाने के लिए खट्टर से मिलेंगे सांसद

रामवीर सिंह बिधूड़ी ने घोषणा की है कि दिल्ली के 15 लाख प्रभावित लोगों के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए भाजपा सांसद बहुत जल्द केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात करेंगे। वे केंद्रीय मंत्री के सामने जमीनी हकीकत और सही तथ्यों को रखेंगे, ताकि मास्टर प्लान में सुधार करके इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

निवासियों से भाजपा सांसदों की अपील

भाजपा सांसदों ने यमुना किनारे बसे नागरिकों से संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि जब तक इस पूरे मामले और ओ-जोन की त्रुटियों पर सरकार का अंतिम और स्थायी फैसला नहीं आ जाता, तब तक प्रभावित क्षेत्रों के लोग वहां किसी भी प्रकार का 'नया निर्माण' न करें, ताकि कोई कानूनी पेच न फंसे।

भाजपा के इस त्वरित कदम और प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह साफ हो गया है कि दिल्ली की पुरानी कॉलोनियों और गांवों पर कोई खतरा नहीं है। सरकार इस समस्या को प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर सुलझाने में जुट गई है, जिससे दिल्ली के लाखों परिवारों ने राहत की सांस ली है।


रिपोर्ट: मोहम्मद अतहरुद्दीन मुन्ने भारती (पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट)

A K

Founding Editor

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने