Muharram 2026: आज देश भर में मनाया जा रहा है यौम-ए-आशूरा, इमाम हुसैन की याद में नम आंखों से निकल रहे हैं ताजिया जुलूस

आज पूरे देश और दुनिया भर में इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की 10वीं तारीख यानी 'यौम-ए-आशूरा' पूरी अकीदत और गमगीन माहौल के साथ मनाया जा रहा है। आज ही के दिन लगभग 1400 साल पहले इराक के कर्बला के मैदान में पैगंबर मोहम्मद के पोते हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को भूखा-प्यासा शहीद कर दिया गया था।

Muharram 2026: आज मनाया जा रहा है यौम-ए-आशूरा, देश भर में सुरक्षा सख्त
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: AI Generated

आज सुबह से ही देश के विभिन्न राज्यों से इमाम हुसैन की याद में मजलिसों, मातम और ताजिया जुलूसों की खबरें आ रही हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

राजधानी दिल्ली समेत देश भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

आज शुक्रवार, 26 जून को जुमे का दिन होने के कारण मस्जिदों और जुलूस मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।
  • दिल्ली: पुरानी दिल्ली, जामा मस्जिद, कश्मीरी गेट और ओखला जैसे इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। शिया समुदाय द्वारा पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाले जा रहे हैं, जो करबला (जोरबाग) की तरफ बढ़ रहे हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई रूटों पर रूट डायवर्जन लागू किया है।
  • उत्तर प्रदेश (लखनऊ): नवाबों के शहर और शिया संस्कृति के केंद्र लखनऊ में ऐतिहासिक आसफी इमामबाड़े और छोटा इमामबाड़े से गमगीन माहौल में जुलूस निकाले जा रहे हैं। चप्पे-चप्पे पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है।
  • अन्य बड़े शहर: मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

'या हुसैन' की सदाओं से गूंज उठे रास्ते; सबीलों पर उमड़ी भीड़

आज सुबह से ही शिया समुदाय के लोग काले कपड़े पहनकर सड़कों पर उतर आए हैं। 'या हुसैन, हम न भूले हैं न भूलेंगे' और 'लब्बैक या हुसैन' के नारों के साथ लोग छाती पीटकर (मातम कर) इमाम हुसैन और उनके 6 महीने के मासूम बेटे अली असगर की शहादत को याद कर रहे हैं।

दूसरी ओर, सुन्नी समुदाय के लोग आज के दिन (10वीं मुहर्रम) का रोजा (व्रत) रखकर इबादत कर रहे हैं। जगह-जगह सामाजिक संगठनों द्वारा राहगीरों के लिए 'सबील' (ठंडे पानी, शर्बत और दूध के स्टॉल) लगाए गए हैं, और गरीबों में लंगर व खिचड़ा (हलीम) बांटा जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

यौम-ए-आशूरा के इस गंभीर अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व और गणमान्य व्यक्तियों ने भी हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की महान कुर्बानी और उनके सिद्धांतों को याद किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर इमाम हुसैन के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए लिखा: "हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) का बलिदान आज भी कई लोगों को सच्चाई और न्याय की राह पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। उनका जीवन हमें साहस और दृढ़ विश्वास की कभी न खत्म होने वाली ताकत की याद दिलाता है।"

इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा: "मुहर्रम के दसवें दिन, आशूरा के इस मुकद्दस मौके पर, मैं इमाम हुसैन (अ.स.) को खिराज-ए-अकीदत पेश करता हूँ। उनका अनुकरणीय जीवन, उनकी शिक्षाएं और उनका सर्वोच्च बलिदान हर दौर में प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।"

क्यों खास है आज 26 जून (10वीं मुहर्रम) का दिन?

इतिहासकारों के अनुसार, कर्बला की जंग में आज ही के दिन यजीद की क्रूर सेना ने इंसानियत और हक (सच्चाई) की आवाज को दबाने के लिए इमाम हुसैन पर हमला किया था। तीन दिनों की प्यास के बाद भी इमाम हुसैन ने जुल्म के आगे घुटने नहीं टेके और सज़दे (प्रार्थना) की हालत में अपनी जान कुर्बान कर दी। यह दिन दुनिया को संदेश देता है कि अधर्म और अत्याचार चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, जीत हमेशा सत्य और सिद्धांतों की ही होती है।

प्रशासन की एडवाइज़री: ट्रैफिक रूट देखकर ही घर से निकलें

ताजिया जुलूसों के कारण आज दोपहर से लेकर देर शाम तक देश के कई बड़े शहरों के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे आज घर से निकलने से पहले ट्रैफिक पुलिस की लाइव एडवाइज़री और डायवर्जन मैप जरूर देख लें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

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