Venezuela Earthquake 2026: वेनेजुएला में भूकंप से मची भीषण तबाही, हजारों मौतों की आशंका; भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से प्रकृति के सबसे भयावह रूप की खबर सामने आ रही है। बुधवार शाम (24 जून 2026) को वेनेजुएला की धरती एक के बाद एक आए दो अत्यंत शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंपों से कांप उठी। महज 39 सेकंड के अंतराल पर आए इन दो बड़े झटकों ने देश की राजधानी कराकास (Caracas) सहित कई राज्यों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है।

इस वैश्विक आपदा की घड़ी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और संकट में घिरे वेनेजुएला के लिए भारत की ओर से 'मदद का हाथ' आगे बढ़ाया है। आइए जानते हैं वेनेजुएला में भूकंप की जमीनी स्थिति और भारत द्वारा की जा रही पहलों के बारे में।

39 सेकंड में दो बड़े झटके: रिक्टर स्केल पर 7.5 थी तीव्रता

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, वेनेजुएला के कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन शहर के पास भूकंप का पहला झटका महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.2 दर्ज की गई। इस झटके से लोग संभल पाते, इससे पहले ही ठीक 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक विनाशकारी भूकंप आया।

भूकंप का केंद्र जमीन से महज 10 से 13 किलोमीटर की गहराई पर था, जिसके कारण झटके बेहद तीव्र और विनाशकारी साबित हुए। भूकंप के बाद 20 से अधिक आफ्टरशॉक्स (Aftershocks) रिकॉर्ड किए जा चुके हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

कराकास में तबाही का मंजर, इमरजेंसी घोषित

भूकंप का सबसे घातक असर वेनेजुएला की राजधानी कराकास में देखने को मिला है, जहाँ कई गगनचुंबी और आवासीय इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। पूरे शहर में धूल का गुबार छा गया और चीख-पुकार मच गई। कई मुख्य सड़कें फट गई हैं और देश का मुख्य इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Maiquetia Airport) गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद कर दिया गया है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला की कार्यकारी राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज (Delcy Rodriguez) ने देश में आपातकाल (State of Emergency) की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही प्यूर्टो रिको और वर्जिन द्वीप समूह समेत कैरेबियाई देशों के लिए सुनामी का अलर्ट भी जारी किया गया है।

हजारों मौतों की आशंका

हालांकि अभी तक वेनेजुएला सरकार की ओर से मौतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन मलबे की भयावहता को देखते हुए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस आपदा में मृतकों की संख्या 10,000 के पार जा सकती है। राहत और बचाव दल लगातार मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

वेनेजुएला में आई इस बड़ी मानवीय आपदा पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख प्रकट किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से वेनेजुएला की जनता और सरकार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

भारत सरकार ने संकट की इस घड़ी में वेनेजुएला की मदद के लिए तत्काल कदम उठाने का फैसला किया है। भारत की तरफ से 'Operation' के तहत राहत सामग्री, जीवन रक्षक दवाएं, मेडिकल टीमें और एनडीआरएफ (NDRF) जैसी विशेषज्ञ खोज और बचाव (Search and Rescue) टीमों को भेजने की तैयारी की जा रही है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करेगा।

भारत के अलावा दुनिया के अन्य कई देशों ने भी वेनेजुएला को तत्काल मदद भेजने की पेशकश की है, ताकि मलबे में दबे लोगों की जान बचाई जा सके।

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