
वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस: 2,700 करोड़ का जादुई आंकड़ा
जब यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह हॉरर सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की सूची में शामिल हो जाएगी। लेकिन मजबूत स्क्रिप्ट और बेहतरीन सस्पेंस के दम पर फिल्म ने दुनिया भर के बाजारों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है।- टोटल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन: इस फिल्म ने दुनिया भर के सिनेमाघरों से कुल ₹2,700.00 करोड़ की बम्पर ग्रॉस कमाई कर ली है।
- विदेशी बाजारों से कमाई (Overseas): घरेलू अमेरिकी बाजार को छोड़कर, केवल अन्य विदेशी देशों से ही फिल्म ने ₹900.00 करोड़ का भारी-भरकम ग्रॉस कलेक्शन बटोरा है।
भारतीय बॉक्स ऑफिस: बिना डबिंग के मचाया तहलका
आमतौर पर भारत में वही हॉलीवुड फिल्में ₹50 करोड़ से ऊपर का बिजनेस कर पाती हैं, जिन्हें हिंदी, तमिल या तेलुगु जैसी स्थानीय भाषाओं में डब करके बड़े पैमाने पर रिलीज किया जाता है। लेकिन 'ऑब्सेशन' ने इस पुरानी धारणा को भी पूरी तरह से बदल कर रख दिया। यह फिल्म भारत में बिना किसी डबिंग के, सिर्फ अपनी मूल अंग्रेजी भाषा में रिलीज की गई थी। इसके बावजूद भारतीय दर्शकों पर इसका ऐसा जादू चला कि हर शहर के सिनेमाघर हाउसफुल होने लगे।- इंडिया ग्रॉस कलेक्शन: भारत के सिनेमाघरों से टैक्स मिलाकर इस फिल्म ने कुल ₹77.01 करोड़ की ग्रॉस कमाई की है।
- इंडिया नेट कलेक्शन: टैक्स काटने के बाद भारत में फिल्म का नेट कलेक्शन ₹64.55 करोड़ दर्ज किया गया है।
- कुल शोज की संख्या: दर्शकों के बीच बढ़ते क्रेज और भारी मांग को देखते हुए सिनेमाघरों के मालिकों को इसके शोज लगातार बढ़ाने पड़े। नतीजतन, भारत भर में इस फिल्म को कुल 38,424 शोज मिले, जो किसी भी कम बजट वाली अंग्रेजी फिल्म के लिए अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।
आखिर 'ऑब्सेशन' की इस ऐतिहासिक सफलता के क्या कारण हैं?
इस फिल्म की बेकाबू रफ्तार और अंधाधुंध कमाई के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण माने जा रहे हैं:1. कंटेंट और स्क्रीनप्ले की असली ताकत
इस फिल्म में न तो कोई महंगा वीएफएक्स (VFX) इस्तेमाल हुआ है और न ही बड़े-बड़े सेट लगाए गए हैं। पूरी फिल्म की कहानी महज कुछ चुनिंदा कमरों और कुछ किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है। लेकिन निर्देशक करी बार्कर ने दर्शकों के दिमाग के साथ जिस तरह का मनोवैज्ञानिक खेल (Psychological Game) खेला है, वह लोगों को अपनी सीटों से बांधकर रखता है। फिल्म का सस्पेंस और डर का माहौल थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी दर्शकों के दिमाग से नहीं उतरता।2. सोशल मीडिया और 'वर्ड ऑफ माउथ' का पावर
शुरुआती दिनों में इस फिल्म को देखने बहुत कम लोग पहुंचे थे। लेकिन जिन लोगों ने भी इसे पहले और दूसरे दिन देखा, उन्होंने सोशल मीडिया (जैसे ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब) पर इसके रिव्यू शेयर करने शुरू कर दिए। देखते ही देखते इंटरनेट पर फिल्म को लेकर एक जबरदस्त उत्सुकता (Hype) बन गई। लोग एक-दूसरे को यह फिल्म देखने की सलाह देने लगे, जिसके कारण माउथ पब्लिसिटी के दम पर इसके शोज और टिकटों की बिक्री में हर दिन के साथ भारी उछाल आता गया।3. भारतीय फिल्म मेकर्स भी हुए हैरान
'ऑब्सेशन' की इस अभूतपूर्व सफलता ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। प्रसिद्ध भारतीय निर्देशक राम गोपाल वर्मा (RGV) ने भी फिल्म के विजुअल स्टाइल और डायरेक्शन की जमकर तारीफ की है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि यह फिल्म भले ही ₹7 करोड़ के बजट की बताई जा रही है, लेकिन इसकी मेकिंग को देखकर लगता है कि यह मात्र ₹70 लाख में बनी है, क्योंकि इसे बहुत ही सीमित लोकेशंस पर शूट किया गया है। उन्होंने इसे नए जमाने के निर्देशकों के लिए एक 'मास्टरक्लास' बताया है।इंडे नवरते और माइकल जॉनस्टन जैसे प्रतिभावान कलाकारों से सजी फिल्म 'ऑब्सेशन' ने यह साबित कर दिया है कि बॉक्स ऑफिस पर राज करने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाने की या बड़े सुपरस्टार्स की जरूरत नहीं होती। अगर आपकी कहानी में दम है और उसे सही ढंग से पेश किया जाए, तो दर्शक उसे सर-आंखों पर बिठाते हैं। भारत में ₹64.55 करोड़ नेट कमाकर इस हॉरर फिल्म ने साबित कर दिया है कि 'डर' का बिजनेस सिनेमा की दुनिया में सबसे सुरक्षित और सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाला जॉनर है।