रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों और चीन के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। यूरोपीय संघ (EU) द्वारा रूस के खिलाफ घोषित किए गए 21वें प्रतिबंध पैकेज (21st Package of Sanctions) में कई चीनी कंपनियों को शामिल किए जाने पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
शुक्रवार को यूरोपीय संघ में चीन के मिशन (Mission of China to the EU) के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा कि चीन इस कदम पर अपनी "गहरी असंतुष्टि और कड़ा विरोध" दर्ज कराता है।
चीन ने स्पष्ट किया कि वह अपनी कंपनियों और नागरिकों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक और जवाबी कदम (Corresponding Measures) उठाएगा।
ईयू के इस नए फैसले से दोनों आर्थिक महाशक्तियों के बीच पहले से जारी व्यापारिक तनाव और अधिक बढ़ सकता है।
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| फोटो क्रेडिट: pixabay |
शुक्रवार को यूरोपीय संघ में चीन के मिशन (Mission of China to the EU) के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा कि चीन इस कदम पर अपनी "गहरी असंतुष्टि और कड़ा विरोध" दर्ज कराता है।
चीन ने ईयू के समक्ष दर्ज कराया औपचारिक विरोध
चीनी मीडिया के अनुसार, प्रवक्ता ने बताया कि चीन की बार-बार की आपत्तियों और कड़े एतराज के बावजूद ईयू ने चीनी संस्थाओं को अपनी प्रतिबंध सूची में शामिल किया। इसके जवाब में चीन ने यूरोपीय संघ के सामने एक बार फिर औपचारिक और कड़ा विरोध (Solemn Representations) दर्ज कराया है।चीन ने स्पष्ट किया कि वह अपनी कंपनियों और नागरिकों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक और जवाबी कदम (Corresponding Measures) उठाएगा।
यूक्रेन संकट पर चीन ने रुख किया साफ
प्रवक्ता ने कहा कि यूक्रेन संकट पर चीन का रुख हमेशा निष्पक्ष और रचनात्मक रहा है। चीन की मुख्य बातें:- शांति वार्ता के प्रति प्रतिबद्धता: चीन हमेशा से इस मुद्दे के राजनीतिक समाधान और शांति वार्ता को बढ़ावा देने के पक्ष में रहा है।
- दोषारोपण का विरोध: चीन ने ईयू द्वारा उस पर दोष मढ़ने, छवि खराब करने और बेवजह चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की नीति की कड़े शब्दों में निंदा की है।
- एकतरफा प्रतिबंध अनुचित: चीन का मानना है कि बिना अंतरराष्ट्रीय सहमति और संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के लगाए गए ऐसे प्रतिबंध गैर-कानूनी हैं।
यूरोपीय संघ में चीन के मिशन के प्रवक्ता का बयान:
"चीन ईयू से आग्रह करता है कि वह तुरंत अपनी गलती में सुधार करे, इसके नकारात्मक प्रभावों को दूर करे और ठोस कार्रवाइयों के माध्यम से चीन-ईयू संबंधों के समग्र हितों की रक्षा करे।"चीन-ईयू संबंधों पर असर
यूरोपीय संघ का तर्क रहा है कि कई विदेशी कंपनियां, जिनमें चीनी संस्थाएं भी शामिल हैं, रूस को ऐसे सामान और तकनीक मुहैया करा रही हैं जिनका इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों में हो सकता है। वहीं, चीन का कहना है कि रूस के साथ उसका व्यापार सामान्य और वैध आर्थिक सहयोग का हिस्सा है।ईयू के इस नए फैसले से दोनों आर्थिक महाशक्तियों के बीच पहले से जारी व्यापारिक तनाव और अधिक बढ़ सकता है।
