Dharmendra Pradhan ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से दिया इस्तीफा: NEET-UG विवाद और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच उठाया बड़ा कदम

देश के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।

Dharmendra Pradhan Resigns: धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से दिया इस्तीफा
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धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे का विस्तृत बयान साझा करते हुए लिखा कि वे युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करते हैं और देश की युवाशक्ति को किसी भी भ्रम के कुचक्र में नहीं फंसने देंगे।

'व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं, राष्ट्रहित सर्वोपरि'

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम को देखकर उनका मन अत्यधिक दुःखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके लिए किसी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि भारत की युवाशक्ति ही इस देश की असली ताकत है।

उन्होंने लिखा:
"जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।"

NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली और सरकार के कदम

अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी थी और परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की थी।

इसके साथ ही, भविष्य में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अगले वर्ष से इस परीक्षा को CBT (Computer-Based Test) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

पुनः परीक्षा और परिणाम का ब्योरा:

  • 21 जून 2026: राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और अभिभावकों के सहयोग से 20 लाख से अधिक छात्रों की पुनः परीक्षा सुचारू रूप से पूरी कराई गई।
  • 16 जुलाई 2026: नीट-यूजी का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को सफलता मिली।
प्रधान ने कहा कि पहले ही दिन से उन्होंने इस पूरी परिस्थिति की नैतिक जिम्मेदारी ली और परीक्षा माफिया के खिलाफ कड़े कदम उठाए, ताकि किसी भी मेधावी छात्र का नुकसान न हो।

'छात्रों को गुमराह करने की कोशिशों से व्यथित'

धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि परिणाम घोषित होने के बाद भी जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ व्यक्तियों द्वारा छात्रों को गुमराह करने और उनके भविष्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया, जिससे वे अत्यंत व्यथित हुए।

उन्होंने यह भी कहा कि चार दशकों से अधिक समय से वे छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहे हैं। उनका मानना है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार

इस्तीफे के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद किया।

उन्होंने प्रभु श्री जगन्नाथ जी का आशीर्वाद मांगते हुए कहा कि वे भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की सेवा में सदैव समर्पित रहेंगे।

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