कारगिल विजय दिवस: PM नरेंद्र मोदी ने वीर जवानों के अदम्य साहस को किया नमन, कहा— 'उनका शौर्य सदैव राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक रहेगा'

भारत आज अपना कारगिल विजय दिवस मना रहा है। 1999 के कारगिल युद्ध में भारत माता की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले और दुश्मनों को खदेड़कर तिरंगा लहराने वाले वीर जवानों को पूरा देश नमन कर रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के वीर जवानों के असाधारण साहस, अटूट देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को नमन किया है।

Kargil Vijay Diwas: PM मोदी ने देश के वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि, कहा- 'देश सदैव कृतज्ञ रहेगा'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस का यह पावन अवसर पूरे देश को हमारे उन शूरवीरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है, जिन्होंने भारत की सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी।

प्रधानमंत्री मोदी का देश के नाम संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक और प्रेरक पोस्ट साझा करते हुए देशवासियों और भारतीय सेना के जवानों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा: "कारगिल विजय दिवस के अवसर पर, पूरा देश भारत की रक्षा में असाधारण शौर्य और समर्पण दिखाने वाले वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है। अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी उनका शौर्य सदैव राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना रहेगा। उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य के प्रति उनका समर्पण भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।"


अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कारगिल की बर्फिली और अत्यंत कठिन पहाड़ियों में जिस तरह हमारे सैनिकों ने दुश्मनों को करारा जवाब दिया, वह न केवल उस समय की जीत थी, बल्कि आने वाली हर पीढ़ी के लिए राष्ट्र सेवा का एक अमर प्रतीक बन गई है।

अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रचा था इतिहास

कारगिल युद्ध इतिहास के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण युद्धों में से एक माना जाता है। 1999 में लद्दाख के कारगिल क्षेत्र में पाकिस्तानी घुसपैठियों ने धोखे से भारतीय सीमाओं की ऊंची चोटियों पर कब्जा कर लिया था। माइनस तापमान, खड़ी चढ़ाई और सामने से हो रही गोलीबारी के बावजूद भारतीय थलसेना और वायुसेना ने 'ऑपरेशन विजय' (Operation Vijay) के तहत अद्भुत तालमेल और पराक्रम का परिचय दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इसी वीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि:
  • हमारे सैनिकों ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की।
  • यह शौर्य केवल एक युद्ध की जीत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान और गौरव की मिसाल है।
  • सैनिकों की यह अटूट देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

पूरा देश व्यक्त कर रहा है कृतज्ञता

कारगिल विजय दिवस केवल सेना का उत्सव नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों के गर्व और एकजुटता का प्रतीक है। देश के कोने-कोने में आज के दिन अमर शहीदों की याद में पुष्पांजलि अर्पित की जा रही है और दीप जलाए जा रहे हैं।

द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल (Kargil War Memorial) से लेकर देश के अलग-अलग राज्यों की राजधानियों तक, अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। प्रधानमंत्री के संदेश ने देशवासियों में देशभक्ति के भाव को और अधिक गहरा कर दिया है।

भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणापुंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि हमारे वीर जवानों द्वारा दिखाया गया अनुशासन और समर्पण आने वाले युवाओं के लिए मार्गदर्शक का काम करेगा। जब-जब देश की रक्षा और स्वाभिमान की बात आएगी, कारगिल के नायकों जैसे— कैप्टन विक्रम बत्रा, मनोज कुमार पांडे, ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव और राइफलमैन संजय कुमार की वीरता की गाथाएं युवाओं में एक नया उत्साह भरेंगी।

भारत आज एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है, और इस प्रगति की नींव में हमारे जवानों का त्याग और बलिदान शामिल है।

A K

Founding Editor

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने