CWG 2026 Boxing Finals: भारतीय मुक्केबाजों ने रचा इतिहास, जानें 1 अगस्त को खेले गए सभी फाइनल मुकाबलों का परिणाम

ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 का 1 अगस्त का दिन भारतीय खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। इस दिन खेले गए मुक्केबाजी के फाइनल मुकाबलों में भारतीय मुक्केबाजी दल ने अभूतपूर्व और ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक अपने नाम किए, जिनमें 7 स्वर्ण पदक और 3 रजत पदक शामिल हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारतीय बॉक्सिंग टीम का यह अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।

CWG 2026 Boxing Finals: भारतीय मुक्केबाजों ने रचा इतिहास, जानें 1 अगस्त को खेले गए सभी फाइनल मुकाबलों का परिणाम

रिंग में भारत की महिला और पुरुष मुक्केबाजों ने 1 अगस्त को खेले गए सभी खिताबी मुकाबलों में अपना दमखम दिखाया। आइए जानते हैं 1 अगस्त को मुक्केबाजी के सभी 10 फाइनल मैचों में खेलने वाले भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन और उनके फाइनल मुकाबलों का पूरा परिणाम।

महिला मुक्केबाजों का 1 अगस्त को फाइनल में प्रदर्शन

1. प्रीति पवार (54 किग्रा - स्वर्ण पदक):

भारत के लिए मुक्केबाजी में पहला स्वर्ण पदक प्रीति पवार ने जीता। 54 किग्रा वर्ग के खिताबी मुकाबले में प्रीति का सामना कनाडा की स्कार्लेट डेलगाडो से हुआ। मुकाबला बेहद आक्रामक रहा, लेकिन प्रीति ने अपने बेहतरीन फुटवर्क और सटीक प्रहारों की बदौलत जजों को प्रभावित किया और 5-0 से सर्वसम्मति से जीत दर्ज कर भारत की झोली में पहला सोना डाला।

2. जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा - स्वर्ण पदक):

महिला 57 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले में जैस्मिन लंबोरिया ने उत्तरी आयरलैंड की चार बार की CWG पदक विजेता मिकायला वॉल्श का सामना किया। जैस्मिन ने शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी और 5-0 के एकतरफा फैसले से मुकाबला अपने नाम कर भारत को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया।

3. साक्षी चौधरी (51 किग्रा - स्वर्ण पदक):

51 किग्रा वर्ग के फाइनल में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट के खिलाफ उम्दा प्रदर्शन किया। साक्षी ने मैच में दूरी बनाए रखते हुए काउंटर-पंच तकनीक का बेहतरीन उपयोग किया और 5-0 से जीत हासिल कर भारत के लिए तीसरा स्वर्ण पदक जीता।

4. प्रिया घनघस (60 किग्रा - स्वर्ण पदक):

60 किग्रा वर्ग का फाइनल मुकाबला बेहद तनावपूर्ण और कांटे की टक्कर वाला रहा। प्रिया घनघस का मुकाबला कनाडा की मैरी-बाथौल से था। कड़े संघर्ष के बीच प्रिया ने अंतिम राउंड में आक्रामक प्रहार किए और 4-1 से स्प्लिट डिसीजन के जरिए मुकाबला जीतकर चौथा स्वर्ण पदक भारत के नाम किया।

5. अरुंधति चौधरी (70 किग्रा - स्वर्ण पदक):

70 किग्रा श्रेणी के फाइनल मैच में अरुंधति चौधरी के सामने इंग्लैंड की चांटेल रीड थीं। शुरुआती राउंड में सतर्क खेल दिखाने के बाद अरुंधति ने तीसरे राउंड में पूरी तरह नियंत्रण बना लिया और 5-0 से एकतरफा जीत दर्ज कर भारत को पांचवां स्वर्ण पदक दिलाया।

6. लवलिना बोरगोहेन (75 किग्रा - रजत पदक):

टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलिना बोरगोहेन 75 किग्रा के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सु ग्रीन्tree से भिड़ीं। तीन राउंड तक चले इस रोमांचक मैच में दोनों मुक्केबाजों के बीच बहुत कम अंतर था, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज मामूली बढ़त बनाने में सफल रहीं। लवलिना को स्प्लिट डिसीजन के तहत रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।

पुरुष मुक्केबाजों का 1 अगस्त को फाइनल में प्रदर्शन

7. सचिन सिवाच (60 किग्रा - स्वर्ण पदक):

पुरुष वर्ग में 60 किग्रा के फाइनल में विश्व नंबर 5 सचिन सिवाच का मुकाबला नामीबिया के टी.एम. एनडेवेलो से हुआ। बेहद कड़े और रोमांचक मैच में सचिन ने 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से जीत हासिल कर भारत को छठा स्वर्ण पदक दिलाया।

8. अंकुश पंघाल (80 किग्रा - स्वर्ण पदक):

80 किग्रा भार वर्ग के खिताबी मुकाबले में अंकुश पंघाल का सामना इंग्लैंड के डी. शिट्टू से हुआ। अंकुश ने अपनी ताकत और सटीक पंचों का शानदार प्रदर्शन करते हुए शिट्टू को 4-1 के फैसले से हराया और भारत का सातवां मुक्केबाजी स्वर्ण पदक पक्का किया।

9. जादूमणि सिंह (55 किग्रा - रजत पदक):

55 किग्रा के फाइनल मुकाबले में जादूमणि सिंह का सामना ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन से हुआ। इस कड़े मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी का पलड़ा भारी रहा और जादूमणि को हार का सामना कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

10. नरेंद्र बेरवाल (90+ किग्रा - रजत पदक):

सुपर हैवीवेट (90+ किग्रा) श्रेणी के खिताबी मुकाबले में भारत के नरेंद्र बेरवाल इंग्लैंड के डमार थॉमस के आमने-सामने थे। दोनों के बीच भारी-भरकम प्रहारों का मुकाबला देखने को मिला, जिसमें इंग्लैंड के थॉमस विजयी रहे और नरेंद्र ने रजत पदक जीता।

2026 राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय मुक्केबाजी का कुल रिपोर्ट कार्ड

1 अगस्त को खेले गए इन सभी फाइनल मुकाबलों के नतीजे के बाद भारतीय मुक्केबाजी टीम का 2026 खेलों का कुल अभियान 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक पर समाप्त हुआ। भारत की इस अभूतपूर्व सफलता से राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पदक तालिका में भारत का स्थान चौथे नंबर पर और अधिक मजबूत हो गया।

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