भारत और नामीबिया के व्यापारिक संबंधों में नया अध्याय, द्विपक्षीय व्यापार में ऐतिहासिक उछाल

भारत और नामीबिया के बीच आर्थिक और व्यावसायिक रिश्ते एक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। नई दिल्ली में आयोजित भारत-नामीबिया संयुक्त व्यापार समिति के चौथे सत्र के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी विस्तार पर अपनी सहमति व्यक्त की है। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापारिक संरचना को केवल कच्चे माल के लेन-देन से आगे ले जाकर नामीबिया में वैल्यू एडिशन यानी मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया है।

भारत-नामीबिया व्यापार में बड़ा उछाल! द्विपक्षीय व्यापार 592.94 मिलियन डॉलर पहुँचा, UPI और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े समझौते
Image Source: PIB

द्विपक्षीय व्यापार में शानदार वृद्धि और निर्यात के आंकड़े

दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में जहाँ वस्तु व्यापार 568.40 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 592.94 मिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुँच गया। इस व्यापारिक संतुलन में भारत का पलड़ा भारी रहा है, जिसमें भारत ने नामीबिया को 349.09 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया, जबकि नामीबिया से आयात 243.85 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। इसके अलावा सेवाओं के व्यापार में भी उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है, जो कैलेंडर वर्ष 2024 में 7.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 380 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया।

इंजीनियरिंग और फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में भारत की मजबूत धमक

नामीबिया के बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है। विशेष रूप से भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात में 124.06 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है, जो बढ़कर 30.24 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। इसमें ऑटोमोबाइल सेक्टर और उनके पार्ट्स की सबसे बड़ी हिस्सेदारी रही है। स्वास्थ्य और दवा क्षेत्र की बात करें तो भारत से फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल उपकरणों का निर्यात 36.50 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है। इसी के साथ भारत 16.4 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ नामीबिया का दूसरा सबसे बड़ा दवा आपूर्ति करने वाला देश बन गया है।

निवेश के लिए नए केंद्रों की स्थापना और सेवा कार्य समूह का गठन

दोनों देशों के बीच निवेश प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए इन्वेस्ट इंडिया और नामीबिया निवेश संवर्धन एवं विकास बोर्ड को नोडल संपर्क बिंदु घोषित किया गया है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच सेवाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष 'सेवा कार्य समूह' का गठन किया जाएगा, जो अपनी समर्पित कार्य योजना तैयार कर समिति के समक्ष पेश करेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाते हुए संयुक्त कार्य समूह की बैठक और जनऔषधि सहयोग समझौते को भी जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति बनी है।

महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में रणनीतिक सहयोग

नामीबिया के पास मौजूद प्राकृतिक संसाधनों और भारत की तकनीकी क्षमता का लाभ उठाने के लिए लिथियम, ग्रेफाइट, तांबा, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा खनिजों की खोज तथा प्रसंस्करण के क्षेत्र में मिलकर काम करने की रणनीति बनाई गई है। इसके साथ ही रत्न एवं आभूषण क्षेत्र में नामीबियाई कारीगरों को भारत में हीरा काटने और आभूषण डिजाइनिंग का प्रशिक्षण देने की पेशकश की गई है। ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर रेलवे, रोलिंग स्टॉक, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोफ्यूल जैसे भविष्य के ऊर्जा विकल्पों पर दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

डिजिटल कनेक्टिविटी और भारत-SACU पीटीए वार्ता

डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI पर आधारित त्वरित भुगतान प्रणाली को नामीबिया में "WayaMe" के नाम से लागू करने की दिशा में प्रगति हुई है। वित्तीय क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक और बैंक ऑफ नामीबिया के बीच फिनटेक फ्रेमवर्क की स्थापना पर चर्चा हुई है। इसके साथ ही भारत-SACU प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट की शर्तों को अंतिम रूप देकर इस दिशा में तेजी से बातचीत पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। यह साझा प्रयास दोनों देशों के बीच कृषि, एमएसएमई, पर्यटन और वस्त्र उद्योग के विकास को भी नई रफ्तार देगा।

A K

Founding Editor

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने