संगम विहार में 10 रुपये के गुटखे ने ली जान: बच्चे के लिए चॉकलेट लेने निकले नवीन की पत्थरों से कुचलकर हत्या

राजधानी दिल्ली के संगम विहार इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. जहां एक तरफ पूरे देश में त्यौहारों का माहौल था और लोग खुशियां मना रहे थे, वहीं महज 10 रुपये के गुटखे के मामूली विवाद में एक हंसते-खेलते परिवार की सारी खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छिन गईं. रक्षाबंधन के पावन पर्व की रात करीब साढ़े 9 बजे अपने मासूम बच्चे के लिए चॉकलेट खरीदने निकला नवीन अब इस दुनिया में नहीं रहा. कुछ बेखौफ बदमाशों ने मामूली सी बहस के बाद उस पर भारी पत्थर से जानलेवा हमला कर दिया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है.

Delhi Sangam Vihar Murder: 10 रुपये के गुटखे पर विवाद, रक्षाबंधन के दिन युवक की पत्थरों से पीट-पीटकर हत्या
बाएं में मृतक नवीन, दाएं में घटना की सीसीटीवी फुटेज

27 अगस्त की रात करीब साढ़े 9 बजे बच्चे के लिए चॉकलेट लेने निकला था नवीन

यह पूरी घटना 27 अगस्त की रात करीब साढ़े 9 बजे उस वक्त शुरू हुई जब रक्षाबंधन के खास मौके पर नवीन अपने घर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक स्थानीय परचून की दुकान पर गया था. वह अपने छोटे बच्चे के लिए चॉकलेट और घर का कुछ अन्य सामान खरीदने निकला था. त्यौहार की रात होने के कारण नवीन काफी खुश था और जल्द से जल्द सामान लेकर अपने परिवार के पास लौटना चाहता था. दुकान पर सामान खरीदने के दौरान वहां कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के अराजक तत्व और बदमाश युवक आ पहुंचे. उन युवकों की नीयत ठीक नहीं लग रही थी और वे इलाके में राहगीरों से अभद्रता करने के लिए जाने जाते थे.

महज 10 रुपये के गुटखे को लेकर शुरू हुई कहासुनी

27 अगस्त की रात करीब साढ़े 9 बजे दुकान पर मौजूद उन बदमाशों ने अचानक नवीन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. आरोपियों ने नवीन से कहा कि वह अपने पैसों से उनके लिए 10 रुपये का गुटखा खरीद कर दे. नवीन ने बहुत ही शांत और सीधे लहजे में उनसे कहा कि वह उन्हें जानता तक नहीं है, तो फिर वह अजनबियों के लिए अपने पैसों से सामान क्यों खरीदेगा. नवीन का यह तर्कसंगत जवाब उन बेखौफ बदमाशों को नागवार गुजरा.

आरोपियों का दिमाग इस बात पर फिर गया कि एक साधारण व्यक्ति ने उन्हें मना कैसे कर दिया. उन्होंने नवीन से उलझते हुए कहा कि अगर वह अपने बच्चे के लिए सामान खरीद सकता है, तो उनके लिए गुटखा क्यों नहीं खरीद सकता. नवीन ने बिना किसी डर के दोबारा अपने पैसे से उनके लिए कोई भी सामान लेने से साफ इनकार कर दिया. बस इसी छोटी सी बात को लेकर रात साढ़े 9 बजे विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने नवीन के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी.

कंस्ट्रक्शन साइट से भारी पत्थर उठाकर किया खूनी हमला

इन्कार से बौखलाए दबंग युवकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. मामूली बहस देखते ही देखते भयानक खूनी हिंसा में बदल गई. परिजनों और चश्मदीदों के अनुसार, आरोपियों ने आपा खो दिया और पास ही में चल रही एक कंस्ट्रक्शन साइट की तरफ भागे. वहां से उन्होंने इमारत निर्माण में इस्तेमाल होने वाला एक बड़ा और भारी पत्थर उठाया. इससे पहले कि नवीन कुछ समझ पाता या अपनी रक्षा कर पाता, बदमाशों ने उस भारी पत्थर से उसके सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया.

पत्थर का वार इतना जोरदार था कि नवीन लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा और तड़पने लगा. वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से तुरंत फरार हो गए. नवीन को खून से लथपथ हालत में सड़क पर पड़ा देख आसपास के स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हुए और तुरंत पुलिस को सूचना देते हुए उसे पास के अस्पताल पहुंचाया.

सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई मारपीट और जानलेवा हमले की खौफनाक तस्वीर

मामले की जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला सबूत लगा है. घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब खंगाली गई, तो उसमें रात के समय दुकान पर बदमाशों के पहुंचने से लेकर मारपीट और जानलेवा हमले तक की पूरी वारदात कैमरे में कैद पाई गई. फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह आरोपी बेखौफ होकर रात साढ़े 9 बजे दुकान पर पहुंचते हैं और नवीन के साथ धक्का-मुक्की तथा बेदर्दी से मारपीट करते हैं.

कैमरे में कैद इन तस्वीरों ने बदमाशों के हैवानियत भरे चेहरे को बेनकाब कर दिया है. पुलिस ने इस अहम सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और इसके आधार पर आरोपियों के चेहरों की पहचान की जा रही है. यह वीडियो सबूत अदालत में आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने में मुख्य भूमिका निभाएगा.

अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गया नवीन

अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद डॉक्टरों ने नवीन की हालत बेहद नाजुक और गंभीर बताई. उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं और अत्यधिक खून बह चुका था. कई दिनों तक नवीन आईसीयू में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा. उसके परिवार वाले दिन-रात भगवान से उसकी सलामती की दुआएं मांगते रहे. मासूम बच्चे को भी यह उम्मीद थी कि उसके पिता जल्द ठीक होकर घर लौटेंगे. हालांकि, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों और परिवार की प्रार्थनाओं के बावजूद नवीन जिंदगी की जंग हार गया और इलाज के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई. नवीन की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और त्यौहार की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं.

परिजनों का पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप और न्याय की मांग

नवीन की मौत के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों का कहना है कि सिर्फ 10 रुपये जैसी तुच्छ बात के लिए किसी निर्दोष इंसान की जान ले लेना दरिंदगी की पराकाष्ठा है. परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस जघन्य हमले में कई लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस अभी तक सभी मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेज पाई है. उनका कहना है कि इलाके में बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि आम नागरिक सड़क पर चलने में भी सुरक्षित महसूस नहीं करता. परिवार ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि घटना में शामिल हर एक आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी हो और उन्हें सख्त से सख्त सजा मिले ताकि नवीन को न्याय मिल सके.

पुलिस की कार्रवाई और मामले की वर्तमान स्थिति

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है. नवीन की मौत के बाद मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं. पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर मुख्य संदिग्धों में से कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और कुछ की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. हालांकि, मुख्य साजिशकर्ताओं और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें सम्भावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

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