पत्रकारिता की स्वतंत्रता और निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर बढ़ते हमलों के बीच राजधानी दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) में एक महत्वपूर्ण विरोध सभा का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम नेटवर्क ऑफ विमेन इन मीडिया-इंडिया (NWMI), दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (DUJ) और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस मंच पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली से आईं पीड़ित महिला पत्रकारों ने अपने साथ हुए प्रशासनिक उत्पीड़न, ऑनलाइन ट्रोलिंग और पुलिसिया बदसलूकी की आपबीती सुनाई। इस दौरान सभी पत्रकार संगठनों ने एक स्वर में स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा करने और सवाल पूछने वाले पत्रकारों को सुरक्षा देने की मांग उठाई।



सहारनपुर मस्जिद विध्वंस कवरेज पर पूजा माथुर का निडर बयान
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के मंच से अपनी बात रखते हुए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की पत्रकार पूजा माथुर ने कलेक्टर मस्जिद के विध्वंस से जुड़ी अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह घटनास्थल पर जाकर इमाम और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज करने के बाद उन्हें प्रशासनिक दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्हें कानूनी नोटिस थमाए गए और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को लेकर डराने की कोशिशें की गईं। पूजा माथुर ने स्पष्ट किया कि यदि जनता के सामने सच लाना और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करना अपराध है, तो वह यह कार्य बार-बार करने को तैयार हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पत्रकारों को किसी राजनीतिक सहारे के बिना अपनी रिपोर्टिंग पर कायम रहना चाहिए।
लखनऊ में मुख्यमंत्री से सवाल पर दिव्या श्रीवास्तव को मिलीं धमकियां
उत्तर प्रदेश की एक अन्य महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव ने लखनऊ की प्रेस कॉन्फ्रेंस का वाकया सुनाते हुए बताया कि वे स्थानीय जनसमस्याओं, जैसे जलभराव और स्कूली छात्राओं को होने वाली दिक्कतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछने गई थीं। मुख्यमंत्री के बिना जवाब दिए जाने पर जब उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई, तो इसके बाद उन्हें भयानक ऑनलाइन ट्रोलिंग और जान से मारने की धमकियों का सामना करना पड़ा। प्रेस क्लब में आयोजित इस सभा में दिव्या ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछना कोई अपराध नहीं है और वे आम जनता की समस्याओं को उठाना कभी बंद नहीं करेंगी।
दिल्ली में 4PM न्यूज़ की पत्रकारों के साथ पुलिसिया मारपीट का आरोप
दिल्ली की पत्रकार बहनों शाहीन और नफीसा खान, जो 4PM न्यूज़ के लिए काम करती हैं, ने 3 सितंबर को हुई घटना की जानकारी साझा की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी वाले एक कार्यक्रम में सवाल पूछने का प्रयास करने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। प्रेस क्लब में उन्होंने आरोप लगाया कि साकेत पुलिस स्टेशन ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई, उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए और हवालात में बंद करने की धमकियां दी गईं। संगठनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और साकेत थाने के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की है।