सीतामढ़ी में गणेश पूजा पर अश्लील नृत्य का वीडियो वायरल, नवयुवक समिति पर लगा गंभीर आरोप

बिहार के सीतामढ़ी जिले में गणेश उत्सव के पवित्र अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही विवादों में घिर गया है। भक्ति और आस्था के इस पर्व के दौरान धार्मिक मंच पर अमर्यादित और अश्लील नृत्य पेश किए जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरी घटना से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स में गहरा असंतोष और आक्रोश देखने को मिल रहा है।

सीतामढ़ी में गणेश पूजा पर अश्लील नृत्य का वीडियो वायरल, नवयुवक समिति पर लगा गंभीर आरोप
Image Souce: Social Media

गणेश पूजा पंडाल में अश्लील आर्केस्ट्रा का वीडियो हुआ वायरल

यह पूरा वाकया सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत भुतही (भुतहा) ब्रह्मस्थान का बताया जा रहा है। गणेश चतुर्थी 2026 के पावन पर्व पर यहाँ नवयुवक गणेश पूजा समिति द्वारा भव्य पूजनोत्सव का आयोजन किया गया था। पूजनोत्सव की आड़ में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में धार्मिक मर्यादाओं को दरकिनार कर फूहड़ता परोसी गई। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि मंच पर भगवान श्री गणेश की विशाल तस्वीर और "नवयुवक गणेश पूजा समिति भुतही ब्रह्मस्थान" का बैनर लगा हुआ है।

इसी बैनर और भगवान की प्रतिमा के ठीक आगे महिला कलाकारों द्वारा भोजपुरी गीतों की धुन पर बेहद अश्लील और अमर्यादित शैली में ठुमके लगाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद भीड़ भक्ति रस में डूबने के बजाय इस अश्लील आर्केस्ट्रा का लुत्फ उठाती दिख रही है। पंडाल में मौजूद लोग अपने मोबाइल कैमरों से इस दृश्य को रिकॉर्ड करते नज़र आ रहे हैं, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग मंचों पर वायरल होना शुरू हो गया।

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा और पूजा समिति पर आरोप

यह विवादित वीडियो 17 सितंबर 2026 से इंटरनेट पर तेज़ी से फैल रहा है। वीडियो सामने आते ही लोगों ने नवयुवक गणेश पूजा समिति के आयोजकों को निशाने पर ले लिया है। यूजर्स का कहना है कि धार्मिक आयोजनों का इस्तेमाल इस प्रकार के फूहड़ और अश्लील मनोरंजन के लिए करना सर्वथा अनुचित है। कई लोगों ने समिति के प्रमुख सदस्यों के नाम और तस्वीरें साझा करते हुए आरोप लगाया है कि आयोजकों ने श्रद्धालुओं की आस्था का मज़ाक उड़ाया है और सनातन संस्कृति को ठेस पहुँचाई है।

स्थानीय प्रबुद्ध जनों और श्रद्धालुओं का मानना है कि गणेश उत्सव जैसे पवित्र अवसरों पर भजन, कीर्तन और ज्ञानवर्धक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए। इस तरह के अश्लील आयोजनों से समाज, बच्चों और युवा पीढ़ी पर अत्यंत प्रतिकूल और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

बिहार में धार्मिक आयोजनों के दौरान फूहड़ता का पुराना इतिहास

गौरतलब है कि बिहार के विभिन्न हिस्सों में गणेश पूजा, सरस्वती पूजा या दुर्गा पूजा जैसे पर्वों के दौरान आर्केस्ट्रा के नाम पर अश्लीलता परोसने का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले भी राज्य के कई जिलों से ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आते रहे हैं, जिन पर भारी बखेड़ा खड़ा हुआ है। पुलिस प्रशासन द्वारा हर साल ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने और दिशा-निर्देश जारी करने के बावजूद पूजा समितियों द्वारा नियमों की खुलेआम अनदेखी की जाती है।

पुलिस प्रशासन की चुप्पी और स्थानीय लोगों की सख्त कार्रवाई की मांग

वीडियो के व्यापक रूप से फैलने के बाद भी स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्र के लोग और आक्रोशित यूजर्स सीतामढ़ी पुलिस से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आयोजन समिति के जिम्मेदार सदस्यों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक मंच का दुरुपयोग करने की हिम्मत न कर सके।

फिलहाल, इस पूरे मामले में नवयुवक गणेश पूजा समिति के आयोजकों का पक्ष और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

अस्वीकरण: HWB न्यूज़ इस वायरल वीडियो की सत्यता, प्रामाणिकता और दावों की पुष्टि नहीं करता है। यह समाचार रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और उस पर आ रही जनप्रतिक्रियाओं के आधार पर तैयार की गई है।

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