देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन और गौरवशाली अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नए युग के उदय का शंखनाद किया। 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के पावन अवसर पर उन्होंने देशवासियों को बधाई दी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा महान क्रांतिकारियों को नमन किया।
हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में भीषण बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी झेल रहे नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि पूरा देश इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। इसके तुरंत बाद, प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में भारत की विकास यात्रा, अब तक के रिपोर्ट कार्ड और 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के बहुआयामी रोडमैप को पारदर्शी और आक्रामक शैली में देश के सामने रखा।
कभी दुनिया की 'फ्रैजाइल फाइव' अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाने वाला भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है। इन 12 वर्षों के दौरान 25 करोड़ नागरिकों ने गरीबी को परास्त कर मध्यम वर्ग और मुख्यधारा में जगह बनाई है।
प्रधानमंत्री ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखते हुए बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में मिली सफलताओं को रेखांकित किया:
साथ ही, उन्होंने देश को वैचारिक तोड़फोड़ और राष्ट्रीय नीतियों को दुर्भावनापूर्ण रूप से प्रभावित करने वाले विघटनकारी तत्वों से अत्यधिक सतर्क रहने की सख्त चेतावनी दी। बदलते युद्ध परिदृश्य और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर खतरों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने देश में एक विशाल, आधुनिक और स्वैच्छिक नागरिक सुरक्षा नेटवर्क (Civil Defense Network) के गठन की ऐतिहासिक घोषणा की।
सामाजिक कल्याण की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि समावेशी सुरक्षा अब 100 करोड़ नागरिकों तक पहुंच रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने देश में चल रही भारत की पहली डिजिटल जनगणना में युवाओं से बढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया, जिससे सटीक जनसांख्यिकीय आंकड़े प्राप्त हों और देश के सटीक विकास का खाका खींचा जा सके।
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| Image Source: YT/Narendra Modi |
हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में भीषण बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी झेल रहे नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि पूरा देश इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। इसके तुरंत बाद, प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में भारत की विकास यात्रा, अब तक के रिपोर्ट कार्ड और 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के बहुआयामी रोडमैप को पारदर्शी और आक्रामक शैली में देश के सामने रखा।
'विकसित भारत 2047' का संकल्प और 12 वर्षों का ऐतिहासिक रिपोर्ट कार्ड
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब देश अपनी स्वतंत्रता का शताब्दी वर्ष 2047 में मनाएगा, तब 140 करोड़ देशवासियों के कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प के बल पर भारत एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनकर उभरेगा। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने अपनी दिशा और दशा दोनों में अमूलचूल परिवर्तन देखा है।कभी दुनिया की 'फ्रैजाइल फाइव' अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाने वाला भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है। इन 12 वर्षों के दौरान 25 करोड़ नागरिकों ने गरीबी को परास्त कर मध्यम वर्ग और मुख्यधारा में जगह बनाई है।
प्रधानमंत्री ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखते हुए बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में मिली सफलताओं को रेखांकित किया:
- रक्षा उत्पादन में 4 गुना, खादी एवं ग्रामोद्योग में 5 गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में 7 गुना, रेलवे कोच निर्माण में 21 गुना और मोबाइल फोन विनिर्माण में 33 गुना की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
- डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 4 गुना बढ़ी है, पेटेंट अनुदान में 4 गुना तेजी आई है और डिजिटल लेन-देन में 100 गुना से अधिक का उछाल आया है।
- बुनियादी जीवन स्तर को सुधारने के लिए नल से जल कनेक्शन में 15 गुना तेजी, एलपीजी विस्तार में 6 गुना गति, शौचालयों के निर्माण में 4 गुना और पक्के मकान बनाने में 3 गुना तेजी से काम हुआ है।
- सैकड़ों अप्रचलित और पुराने कानूनों को समाप्त कर नागरिकों के जीवन को सरल और सुगम बनाया गया है।
राष्ट्र निर्माण की नई ताकत: 'सप्तधारा' (सात रणनीतिक स्तंभ) का अनावरण
प्राचीन भारत की सप्त सिंधु की सभ्यतागत शक्ति का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक क्रांतिकारी रणनीतिक ढांचे 'सप्तधारा' या सप्त शक्ति का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में बिखरी हुई प्रगति के बजाय इन सात धाराओं का सिंक्रनाइज़्ड और एकीकृत विकास ही भारत को वैश्विक मंच पर अग्रणी बनाएगा।1. विनिर्माण शक्ति (Manufacturing Hub):
भारत को केवल एक उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का अत्यधिक विश्वसनीय और मजबूत केंद्र बनना होगा। डिजाइन से लेकर अंतिम उत्पाद तक, छोटे घटकों से लेकर विशाल मशीनों तक, शून्य-दोष परिशुद्धता और लागत दक्षता के साथ 'मेड इन इंडिया' को दुनिया में पहचान दिलानी होगी।2. कृषि और खाद्य प्रसंस्करण (Agri-to-Export Value Chain):
देश को रसायन-मुक्त जैविक खेती की ओर तेजी से बढ़ना होगा। खेत से लेकर वैश्विक बाजारों तक निर्बाध एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला तैयार करनी होगी ताकि भारत के पारंपरिक और आधुनिक कृषि उत्पाद दुनिया के हर कड़े गुणवत्ता मानक को पार कर वैश्विक बाजारों पर हावी हो सकें।3. प्रौद्योगिकी और नवाचार (Tech & Innovation Hub):
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, अंतरिक्ष अनुसंधान, उन्नत रोबोटिक्स, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और मेड-इन-इंडिया 6G जैसी भावी तकनीकों में भारत को केवल वैश्विक ग्राहक नहीं, बल्कि नवाचार का मुख्य केंद्र बनना होगा।4. गति शक्ति (Infrastructure Modernization):
निर्बाध मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स स्थापित करने के लिए हाई-स्पीड रेल, विश्वस्तरीय आधुनिक राजमार्गों, अंतर्देशीय जलमार्गों और विशेष रूप से बंदरगाह-आधारित विकास के गतिशील केंद्रों का विस्तार करना अनिवार्य है।5. रक्षा शक्ति (Defense Self-Reliance & Exports):
रक्षा के क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करते हुए भारत को ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और हाइपरसोनिक तकनीकों का अग्रणी निर्माता और दुनिया के 100 से अधिक देशों को रक्षा प्रणालियों का निर्यात करने वाला बड़ा आपूर्तिकर्ता बनना होगा।6. हरित और नीली अर्थव्यवस्था (Green & Blue Economy):
दुनिया जहां जलवायु परिवर्तन पर केवल चर्चाएं कर रही है, भारत समाधान पेश कर रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन, 160 गीगावॉट तक पहुंची सौर क्षमता, ऊर्जा भंडारण और 85,000 करोड़ रुपये की 'समुद्र मंथन' पहल के माध्यम से समुद्री संसाधनों, तटीय पर्यटन और नीली अर्थव्यवस्था का सतत दोहन किया जाएगा।7. सॉफ्ट पावर (Global Cultural & Creative Influence):
योग, आयुर्वेद, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन के साथ-साथ एनिमेशन, गेमिंग, VFX और Waves Summit के जरिए भारत अपनी रचनात्मक अर्थव्यवस्था का परचम दुनिया में लहराएगा। वन्यजीव पर्यटन, बड़े संगीतमय आयोजनों और वैश्विक खेल स्पर्धाओं के जरिए भारत दुनिया को आकर्षित करेगा।युवाओं के लिए बड़ी सौगातें: AI कौशल और मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग
युवाओं को देश के परिवर्तन का मुख्य वास्तुकार बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:- 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग: आने वाले एक वर्ष के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कौशल में औपचारिक रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे वैश्विक डिजिटल क्रांति की कमान संभाल सकें।
- मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के युवाओं पर पड़ने वाले भारी वित्तीय और भावनात्मक बोझ को समाप्त करने के लिए सरकार डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और देश के शीर्ष शिक्षकों को जोड़कर एक पारदर्शी, मजबूत मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क स्थापित करने जा रही है।
- शिक्षा और स्टार्टअप का विस्तार: देश में 350 से कम विश्वविद्यालयों से बढ़कर 1,000 और 400 से कम मेडिकल कॉलेजों से बढ़कर 850 तक पहुँचने की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने 10,000 अटल टिंकरिंग लैब्स और 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान कोष की सराहना की।
आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा और सेमीकंडक्टर क्रांति
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सस्ते विदेशी सामानों पर निर्भर रहने का दौर बीत चुका है। भारत अब अपनी क्षमताएं बढ़ाकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करेगा।- सेमीकंडक्टर निर्माण: भारत में तीन घरेलू सेमीकंडक्टर संयंत्र पहले से संचालित हो रहे हैं और वैश्विक बाजारों में मेड-इन-इंडिया चिप्स का निर्यात शुरू हो चुका है। अगले 1 से 2 वर्षों में 7 से 8 नए उत्पादन संयंत्र चालू हो जाएंगे।
- ऊर्जा सुधार और परमाणु लक्ष्य: 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु क्षमता का लक्ष्य रखा गया है। अगले 6 से 7 वर्षों में 5 नए फास्ट ब्रीडर परमाणु रिएक्टर चालू होंगे।
- हाइड्रोजन ट्रेन: भारत ने दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली मेड-इन-इंडिया 'हाइड्रोजन ट्रेन' के निर्माण पर काम शुरू कर दिया है।
- 'नो-गो' से 'गो-अहेड' एरिया: पिछली प्रतिबंधात्मक नीतियों को बदलते हुए देश के 99 प्रतिशत समुद्री तट रेखा को तेल और गैस अन्वेषण के लिए खोल दिया गया है।
आंतरिक सुरक्षा: नक्सलवाद का निर्णायक अंत और नागरिक सुरक्षा
आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चार दशकों से लाखों लोगों के भविष्य को तबाह करने वाले और 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों के बलिदान का कारण बनने वाले नक्सलवाद को देश से पूरी तरह उखाड़ फेंका गया है। कभी 'नो-गो एरिया' कहे जाने वाले क्षेत्रों में अब शांति, विश्वास और विकास का तिरंगा लहरा रहा है।साथ ही, उन्होंने देश को वैचारिक तोड़फोड़ और राष्ट्रीय नीतियों को दुर्भावनापूर्ण रूप से प्रभावित करने वाले विघटनकारी तत्वों से अत्यधिक सतर्क रहने की सख्त चेतावनी दी। बदलते युद्ध परिदृश्य और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर खतरों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने देश में एक विशाल, आधुनिक और स्वैच्छिक नागरिक सुरक्षा नेटवर्क (Civil Defense Network) के गठन की ऐतिहासिक घोषणा की।
नारी शक्ति, 6 करोड़ लखपति दीदियां और सामाजिक कल्याण
महिलाओं के योगदान को नमन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साणंद में विदेशी प्रशिक्षण के बाद उन्नत माइक्रोचिप बनाने वाली आदिवासी बेटियों का आत्मविश्वास देश की नई ताकत है। 3 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य हासिल होने के बाद, उन्होंने अब ग्रामीण भारत की 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का नया आक्रामक लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत विधायी आरक्षण को बिना किसी देरी के तेजी से लागू करने की पुरजोर वकालत की।सामाजिक कल्याण की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि समावेशी सुरक्षा अब 100 करोड़ नागरिकों तक पहुंच रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने देश में चल रही भारत की पहली डिजिटल जनगणना में युवाओं से बढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया, जिससे सटीक जनसांख्यिकीय आंकड़े प्राप्त हों और देश के सटीक विकास का खाका खींचा जा सके।
'पंच प्रण' के साथ विश्व गुरु बनने की राह
अपने ओजस्वी संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखने, औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को पूरी तरह मिटाने और 'पंच प्रण' के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय कॉर्पोरेट जगत को चुनौती दी कि वे Fortune 500 की सूची में भारत की 50 कंपनियों को शामिल कराएं और बैंकिंग, फार्मा तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनिया में शीर्ष स्थान हासिल करें। प्रधानमंत्री के इस भाषण ने 140 करोड़ देशवासियों में 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के संकल्प को एक नई ऊर्जा और गति प्रदान की है।
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